मऊगंज में शराब माफिया के 'सिंडिकेट' पर सर्जिकल स्ट्राइक: 'आप' के पूर्व प्रत्याशी के ठेके से निकले अवैध तार Aajtak24 News

मऊगंज में शराब माफिया के 'सिंडिकेट' पर सर्जिकल स्ट्राइक: 'आप' के पूर्व प्रत्याशी के ठेके से निकले अवैध तार Aajtak24 News

मऊगंज - जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने आर-पार की जंग छेड़ दी है। मऊगंज एसपी दिलीप सोनी और एएसपी विक्रम सिंह के सख्त तेवरों के बाद थाना प्रभारी रीना सिंह की टीम ने अवैध शराब की एक ऐसी खेप पकड़ी है, जिसने न केवल शराब माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त किया, बल्कि इसके राजनीतिक कनेक्शन को भी बेनकाब कर दिया है।

'आप' नेता के ठेके से पैकारी का कनेक्शन!

पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। पकड़ी गई अवैध शराब गुढ़ समूह के दुआरी शराब दुकान की बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि इस दुकान का ठेका 'सुप्रभ अनंत प्रा.लि.' कंपनी के पास है, जिसके कर्ताधर्ता गुढ़ विधानसभा से आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व प्रत्याशी प्रखर प्रताप सिंह हैं। पुलिस ने मौके से तस्कर मार्तंड सिंह को दबोचा है, जो लंबे समय से गुढ़ से शराब लाकर मऊगंज के ग्रामीण अंचलों में अवैध रूप से खपा रहा था।

प्यादे गिरफ्तार, 'सफेदपोश मगरमच्छ' कब होंगे बेनकाब?

मऊगंज पुलिस की इस कार्रवाई ने उन रसूखदारों की नींद उड़ा दी है जो खाकी और खादी की आड़ में मौत का सामान बेच रहे थे। लेकिन इस मामले के उजागर होने के बाद जनता के बीच एक बड़ा सवाल तैर रहा है— क्या कार्रवाई सिर्फ छोटे प्यादों तक सीमित रहेगी? जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या प्रशासन उन 'सफेदपोश मगरमच्छों' के गिरेबान तक हाथ डाल पाएगा, जो इस पूरे अवैध कारोबार के असली मास्टरमाइंड हैं? अक्सर देखा गया है कि छोटे तस्करों को जेल भेजकर मुख्य सूत्रधारों को बचा लिया जाता है, लेकिन एसपी दिलीप सोनी के सख्त रुख ने इस बार कुछ अलग होने की उम्मीद जगाई है।

जांच में होंगे बड़े खुलासे

पुलिस की गिरफ्त में आए तस्कर मार्तंड सिंह से लगातार पूछताछ जारी है। सूत्रों की मानें तो मार्तंड के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और बयानों से कई बड़े व्यावसायिक घरानों और राजनेताओं के नाम सामने आ सकते हैं। थाना प्रभारी रीना सिंह ने स्पष्ट किया है कि अवैध नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। अब मऊगंज की जनता की नज़रें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या प्रशासन इस शराब सिंडिकेट के जड़ तक पहुँचकर मऊगंज को नशा मुक्त बनाने के अपने संकल्प को सिद्ध कर पाएगा?

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