| गौरेला-पेंड्रा; टॉपरों के साथ बैठकर कलेक्टर ने किया लंच, सफलता का बताया असली मंत्र Aajtak24 News |
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही - जिले में गुरुवार को आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह सिर्फ सम्मान का मंच नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों और संघर्षों का उत्सव बन गया। न्यू सर्किट हाउस गौरेला में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने जिले के 117 टॉप विद्यार्थियों को सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुष्पगुच्छ, प्रमाण पत्र, नगद राशि, उपहार और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में सबसे ज्यादा चर्चा 12वीं की छात्रा ताहिरा खान और छात्र ओंकार कैवर्त की रही। ताहिरा खान ने 97.60 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया, जबकि ओंकार कैवर्त ने 97.40 प्रतिशत अंक लाकर प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने विद्यार्थियों की सफलता को जिले के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल छात्रों की मेहनत नहीं, बल्कि माता-पिता और शिक्षकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय कर अनुशासन और समय प्रबंधन के साथ पढ़ाई की जाए तो कोई भी सफलता हासिल की जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने छात्रों से संवाद करते हुए मोबाइल फोन के सदुपयोग, पर्याप्त नींद, स्वास्थ्य का ध्यान रखने और टाइम मैनेजमेंट को सफलता की कुंजी बताया। साथ ही विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करेंट अफेयर्स, सामान्य ज्ञान और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की जानकारी रखने की सलाह दी। विशेष बात यह रही कि कलेक्टर ने समारोह में विद्यार्थियों के साथ बैठकर लंच भी किया, जिससे कार्यक्रम का माहौल आत्मीय और प्रेरणादायक बन गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत जिले की टॉप तीन बालिकाओं को 5100 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, एसडीएम विक्रांत अंचल, जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्राचार्य, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर साल टॉपरों का सम्मान होता है, लेकिन जिले के कमजोर और पिछड़े स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन की ठोस रणनीति क्या है?
- कलेक्टर ने शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति को सफलता का कारण बताया, तो क्या जिले के सभी स्कूलों में वास्तव में नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता आधारित शिक्षण सुनिश्चित हो पा रहा है?
- प्रदेश स्तर पर टॉप करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान तो मिला, लेकिन क्या प्रशासन इनके आगे की उच्च शिक्षा, कोचिंग या करियर मार्गदर्शन के लिए कोई दीर्घकालिक सहायता योजना भी तैयार कर रहा है?