मनेन्द्रगढ़; जब मंत्री पहुंचे गांव की चौपाल में… 392 शिकायतों के बीच किसे मिला तुरंत न्याय और कौन अब भी इंतज़ार में Aajtak24 News

मनेन्द्रगढ़; जब मंत्री पहुंचे गांव की चौपाल में… 392 शिकायतों के बीच किसे मिला तुरंत न्याय और कौन अब भी इंतज़ार में Aajtak24 News

मनेन्द्रगढ़ - जिले के विकासखंड खड़गवां के ग्राम मझौली में आयोजित “संवाद से संपूर्ण समाधान” जनसमस्या निवारण शिविर में बुधवार को ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। छत्तीसगढ़ शासन के “सुशासन तिहार 2026” अभियान के तहत आयोजित इस शिविर में 10 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में अपनी समस्याएं और उम्मीदें लेकर पहुंचे। शिविर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। मंत्री ने साफ कहा कि अब सरकार केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव-गांव जाकर जनता की समस्याओं का समाधान करेगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर ग्रामीणों की समस्याओं के आवेदन लिए गए और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। शिविर में स्वास्थ्य, राजस्व, राशन, रोजगार, आयुष्मान कार्ड, वन अधिकार पट्टा, किसान किताब, आवास, बैंकिंग और आधार सेवाओं सहित कई विभागों ने भाग लिया। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक शिविर में 392 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इनमें कई मामलों का तत्काल समाधान किया गया, जबकि बाकी आवेदनों को तय समय-सीमा में निराकरण के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया।

इस दौरान मंत्री जायसवाल ने हितग्राहियों को राशन कार्ड, वन अधिकार पट्टा, जाति प्रमाण पत्र, किसान किताब, आवास की चाबी, आयुष्मान कार्ड और जॉब कार्ड वितरित किए। वहीं क्षय रोगियों को फूड बास्केट भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म ने सामाजिक संवेदनशीलता का माहौल भी बनाया।

मंत्री ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में सुशासन की नई संस्कृति स्थापित हो रही है और सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने दावा किया कि अब ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। हालांकि शिविर में बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि लंबित मामलों का समाधान तय समय-सीमा में कितना प्रभावी ढंग से हो पाता है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. शिविर में 392 से अधिक आवेदन आए, लेकिन मौके पर कितने आवेदनों का वास्तविक निराकरण हुआ और कितने सिर्फ “प्रक्रिया में” डाल दिए गए? क्या इसकी सार्वजनिक मॉनिटरिंग होगी?
  2. सरकार गांव-गांव पहुंचने की बात कर रही है, तो फिर आज भी ग्रामीणों को राशन कार्ड, आवास, जाति प्रमाण पत्र और जॉब कार्ड जैसी मूल सुविधाओं के लिए शिविरों का इंतजार क्यों करना पड़ रहा है?
  3. सुशासन तिहार को सरकार जनसमस्या समाधान का मॉडल बता रही है, लेकिन जो अधिकारी वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान नहीं कर पाए, उनकी जवाबदेही तय करने के लिए क्या कार्रवाई होगी?

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