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| नर्मदापुरम: उपार्जन केंद्रों पर प्रशासनिक 'सर्जिकल स्ट्राइक'; एसडीएम ने सेमरी मंडी में बढ़वाए तौल कांटे Aajtak24 News |
नर्मदापुरम - जिले में रबी उपार्जन 2025-26 के तहत गेहूं और चना खरीदी का कार्य अपने चरम पर है। कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के स्पष्ट निर्देश हैं कि केंद्रों पर आने वाले अन्नदाता को किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसी कड़ी में गुरुवार को सोहागपुर एसडीएम श्रीमती प्रियंका भल्लावी ने राजस्व और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम के साथ विभिन्न उपार्जन केंद्रों का तूफानी दौरा किया।
सेमरी मंडी में बढ़ेगा तौल का दायरा
एसडीएम श्रीमती भल्लावी ने सेमरी हरचंद मंडी परिसर स्थित चना उपार्जन केंद्र का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि आवक अधिक होने के कारण किसानों को अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने केंद्र प्रभारी को तत्काल तौल कांटों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि संसाधनों की कमी का बहाना बनाकर किसानों को परेशान नहीं किया जा सकता; तौल प्रक्रिया में गति लाना केंद्र की प्राथमिकता होनी चाहिए।
गर्मी का सितम और प्रशासनिक सुरक्षा कवच
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने 'छाया और पानी' को अनिवार्य शर्त बना दिया है। एसडीएम ने केंद्रों पर मौजूद किसानों से सीधे संवाद किया और सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
केंद्रों पर ठंडे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी किसान को प्यास से न जूझना पड़े।
उपज लेकर आए किसानों के बैठने के लिए शेड और विश्राम गृह की समुचित व्यवस्था हो।
फायर सेफ्टी के उपकरणों की जांच की जाए ताकि शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से आगजनी की घटना न हो।
भ्रष्टाचार और अव्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि उपार्जन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या व्यापारियों की उपज खपाने की शिकायत मिलने पर सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने स्लॉट बुकिंग के अनुसार ही तौल सुनिश्चित करने को कहा ताकि छोटे किसानों को प्राथमिकता मिल सके। साथ ही, खरीदे गए अनाज के उठाव (परिवहन) में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि केंद्रों पर अनावश्यक जाम की स्थिति न बने।
अधिकारियों का मैदानी मोर्चा
कलेक्टर के निर्देश पर जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की मॉनिटरिंग की जा रही है। नर्मदापुरम जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून की आहट से पहले शत-प्रतिशत खरीदी और भंडारण का कार्य पूर्ण कर लिया जाए। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार और खाद्य आपूर्ति अधिकारी सहित कई मैदानी कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्हें कार्य के प्रति जवाबदेह बनाया गया है।
