रतलाम; घर-घर पहुंची जनगणना टीम… कलेक्टर खुद उतरीं मैदान में, लोगों से मांगी सही जानकारी Aajtak24 News

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रतलाम - जिले में जनगणना 2027 के तहत चल रहे मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य की निगरानी अब प्रशासनिक स्तर पर और तेज कर दी गई है। राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान की जमीनी स्थिति जानने के लिए कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती मिशा सिंह ने गुरुवार को नामली क्षेत्र का दौरा कर सर्वे कार्य का निरीक्षण किया। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के जनगणना कार्य निदेशालय के निर्देशानुसार जिले में 01 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर प्रगणकों, सुपरवाइजरों और फील्ड ट्रेनर्स द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मिशा सिंह ने सर्वे प्रक्रिया, डेटा संकलन और घर-घर जाकर जानकारी लेने की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक मकान और परिवार का सही एवं पूर्ण विवरण दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य की योजनाओं और नीतियों के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें।

कलेक्टर ने स्थानीय नागरिकों से भी बातचीत की और उन्हें जागरूक करते हुए कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, इसलिए प्रगणकों को सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गलत या अधूरी जानकारी भविष्य में योजनाओं और संसाधनों के वितरण को प्रभावित कर सकती है।

प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि जनगणना कार्य निर्धारित समय-सीमा में और त्रुटिरहित तरीके से पूरा हो। निरीक्षण के दौरान एसडीएम रतलाम ग्रामीण श्री विवेक सोनकर, तहसीलदार श्री आशीष उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. यदि जनगणना के आंकड़े सरकारी योजनाओं की नींव होते हैं, तो क्या प्रशासन ने गलत या अधूरी जानकारी रोकने के लिए कोई स्वतंत्र सत्यापन व्यवस्था बनाई है?
  2. ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग डिजिटल या प्रशासनिक प्रक्रियाओं से पूरी तरह परिचित नहीं होते, तो क्या प्रगणकों को पर्याप्त प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता दी गई है?
  3. हर जनगणना में कुछ परिवार छूटने या डेटा त्रुटियों की शिकायतें सामने आती हैं, तो इस बार जवाबदेही तय करने की ठोस व्यवस्था क्या होगी?

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