| बिलासपुर; शिविर या सिस्टम का आईना? सुशासन तिहार में जनता के सवालों से घिरा प्रशासन Aajtak24 News |
बिलासपुर - सुशासन तिहार 2026 के तहत बिलासपुर के जोन क्रमांक 2 में आयोजित समाधान शिविर में सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया गया। तिफरा स्थित स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इस शिविर में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि यह तिहार केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। शिविर का उद्देश्य लोगों को योजनाओं से जोड़ना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है।
कार्यक्रम में महापौर पूजा विधानी ने इसे “जनता का तिहार” बताते हुए कहा कि सरकार हर वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वहीं नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने जानकारी दी कि शिविर में लगभग 125 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 94 नगर निगम से संबंधित हैं, जबकि बाकी अन्य विभागों से जुड़े हैं। इन आवेदनों में आवास, सड़क, नाली निर्माण, राशन कार्ड, स्वच्छता, महतारी वंदन योजना, उज्ज्वला योजना और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। अधिकारियों ने आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया और समयसीमा की जानकारी भी दी।
सुशासन तिहार के तहत 5 मई को जोन क्रमांक 3 के वार्ड 15, 16 और 17 के लिए नर्मदा नगर सामुदायिक भवन में सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक अगला समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- अगर योजनाएं वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं, तो शिविर में इतनी बड़ी संख्या में मूलभूत सुविधाओं से जुड़े आवेदन क्यों आ रहे हैं?
- क्या इन शिविरों में मिले आवेदनों के निराकरण की कोई सार्वजनिक ट्रैकिंग प्रणाली है, ताकि जनता को वास्तविक प्रगति दिख सके?
- सुशासन तिहार को ‘जनता का तिहार’ कहा जा रहा है—लेकिन क्या यह स्थायी समाधान का मॉडल बनेगा या सिर्फ शिविरों तक सीमित पहल रह जाएगी?