| गौरेला-पेंड्रा; जंगल में सागौन कटे, गांवों में मिले सबूत: पण्डरीपानी कांड में वन विभाग एक्शन मोड में Aajtak24 News |
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही - मरवाही वनमंडल के अंतर्गत गौरेला परिक्षेत्र के पण्डरीपानी परिसर में सागौन की अवैध कटाई को लेकर वन विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि मामले में लगातार कार्रवाई जारी है और बड़े पैमाने पर लकड़ी बरामद की गई है। वन विभाग के अनुसार कक्ष क्रमांक 2343, जो करीब 298 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, वर्ष 2009-10 में सामाजिक वानिकी परियोजना के तहत सागौन रोपण का हिस्सा रहा है। यह क्षेत्र चार ग्राम पंचायतों—कोरजा, गांगपुर, डाहीबहरा और पण्डरीपानी—से घिरा हुआ है, जहां की 9 बस्तियों का सीधा दबाव इस जंगल पर पड़ रहा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सागौन की कटाई मुख्यतः स्थानीय जरूरतों जैसे मकान निर्माण, अंतिम संस्कार और बाड़ी निर्माण के लिए की गई। जांच के दौरान विभिन्न गांवों के घरों से सागौन की बल्लियां बरामद की गई हैं। अब तक करीब 500 नग सागौन लकड़ी (5 घन मीटर से अधिक) जब्त कर सुरक्षित रखा गया है।
वनमंडलाधिकारी, उपवनमंडलाधिकारी, उड़नदस्ता दल और क्षेत्रीय कर्मचारियों की संयुक्त टीम द्वारा लगातार सर्वेक्षण और जांच की जा रही है। साथ ही क्षेत्र में लंबे समय से जारी अतिक्रमण को भी इस समस्या की बड़ी वजह बताया गया है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद दोषियों की पहचान कर नुकसान का आंकलन किया जाएगा और नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- अगर वर्षों से अतिक्रमण और दबाव की जानकारी थी, तो अवैध कटाई रोकने के लिए पहले ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए?
- स्थानीय जरूरतों के नाम पर हो रही कटाई क्या वन प्रबंधन की विफलता नहीं दर्शाती—क्या वैकल्पिक संसाधनों की व्यवस्था नहीं की गई?
- 500 से ज्यादा सागौन की बल्लियां मिलने के बाद भी क्या यह केवल ‘निस्तार उपयोग’ का मामला माना जाएगा, या संगठित अवैध कटाई की जांच भी होगी?