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| सीधी; ग्रीष्मकाल से पहले पेयजल-बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश, सीएम हेल्पलाइन पर भी सख्ती Aajtak24 News |
सीधी - कलेक्टर विकास मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में उपार्जन व्यवस्था से लेकर पेयजल, कृषि और जनसेवा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कड़े निर्देश दिए गए। कलेक्टर विकास मिश्रा ने गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित किया जाए और किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने उपार्जित अनाज के सुरक्षित भंडारण और समय पर परिवहन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में कृषि कल्याण वर्ष के तहत चल रही गतिविधियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कृषि एवं संबंधित विभागों को नवाचार आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही पशुपालन विभाग को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया। जल गंगा संवर्धन अभियान और आगामी पौधरोपण कार्यक्रमों की तैयारी की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी कार्यों को समयबद्ध योजना के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई और कहा कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयसीमा में निराकरण किया जाए।
ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए पेयजल और विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष फोकस किया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में पानी या बिजली की समस्या नहीं होनी चाहिए और इसके लिए सभी विभाग सतर्क रहें। डीएमएफ (जिला खनिज प्रतिष्ठान) अंतर्गत कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर प्रस्तुत करने, गैस और पेट्रोलियम आपूर्ति पर निगरानी रखने तथा किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा शासकीय विद्यालयों से अतिक्रमण हटाने के अभियान को तेज करने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए जनहित के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर बीपी पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- उपार्जन और पेयजल जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं की हर साल समीक्षा होती है, फिर भी किसानों और ग्रामीणों की शिकायतें क्यों बनी रहती हैं?
- सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के हजारों लंबित प्रकरणों के पीछे क्या सिस्टम की कमजोरी है या विभागीय लापरवाही?
- डीएमएफ फंड और विकास कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर न आने के पीछे क्या कारण हैं और क्या जिम्मेदारी तय की जाएगी?
