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| जबलपुर; स्वच्छता से लेकर श्रमिक योजनाओं तक समीक्षा, जबलपुर में अफसरों को कड़े निर्देश Aajtak24 News |
जबलपुर - कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को लंबित पत्रों एवं शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने उपार्जन व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्य शासन की मंशा के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों, विद्यालयों और छात्रावासों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गीले और सूखे कचरे के लिए अलग डस्टबिन लगाए जाएं और नाडेफ प्रणाली को भी बढ़ावा दिया जाए।
बैठक में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत श्रमिकों का पंजीयन सुनिश्चित करने, स्कूलों में विद्यार्थियों के प्रवेश की स्थिति और जनपदवार समग्र ई-केवाईसी की समीक्षा की गई। निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य बरसात से पहले हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं के शीघ्र समाधान पर भी जोर दिया। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पेयजल व्यवस्था को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में पानी की समस्या नहीं होनी चाहिए। इसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और ग्राम स्तर के प्रतिनिधियों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बाल आरोग्य संवर्धन, वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टों के साथ प्राथमिक विद्यालय परिसर में उपलब्ध भूमि पर आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित करने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही सीएम हेल्पलाइन और लंबित पत्रों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने बरगी क्रूज हादसे में दिवंगत व्यक्तियों के प्रति दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- उपार्जन और निर्माण कार्यों की हर बैठक में समीक्षा होती है, फिर भी जमीनी स्तर पर देरी और अव्यवस्था क्यों दिखाई देती है?
- सीएम हेल्पलाइन और लंबित पत्रों के मामलों में कितनी शिकायतें समय पर निपटती हैं और कितने मामलों में सिर्फ आंकड़े अपडेट किए जाते हैं?
- गर्मी में पेयजल संकट की बात हर साल उठती है, फिर भी कई गांवों में पानी की समस्या क्यों बनी रहती है—क्या स्थायी समाधान की कोई योजना है?
