![]() |
| ग्वालियर; मंत्री खुद उतरे गलियों में… गंदगी देख भड़के, अधिकारियों को मौके पर लगाई फटकार Aajtak24 News |
ग्वालियर - ग्वालियर में “आपका सेवक आपके द्वार” अभियान के तहत ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर शुक्रवार को उपनगर ग्वालियर की विभिन्न बस्तियों में पहुंचे और आम लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। वार्ड 36 स्थित पीजीव्ही कॉलेज जीवाजीगंज क्षेत्र से शुरू हुए इस अभियान के दौरान मंत्री ने गलियों में घूमकर बिजली, पानी, सीवर और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। कई स्थानों पर गंदगी और खराब सफाई व्यवस्था देखकर उन्होंने नगर निगम अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की। ऊर्जा मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र की सफाई व्यवस्था तुरंत सुधारी जाए और लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने कहा कि स्वच्छता स्वस्थ जीवन की पहली शर्त है और ग्वालियर को साफ-सुथरा बनाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। मंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “न गंदगी करेंगे, न करने देंगे” का संकल्प हर नागरिक को लेना होगा।
अभियान के दौरान मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सिकरवारी मोहल्ला, न्यू शांति नगर, धोबी घाट, हजारेश्वर महादेव मंदिर, बड़े महादेव मंदिर और अनुसूचित जाति बस्ती सहित कई इलाकों का भ्रमण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित विभागों को समयसीमा में समाधान करने के निर्देश दिए। वार्ड भ्रमण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने बिजली व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खुले विद्युत ट्रांसफार्मरों के चारों ओर जाली लगाने और नीचे झूल रही बिजली लाइनों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान मंत्री ने बाल्मीकि समाज के अशोक खरे के घर दोपहर का भोजन भी किया।
इस मौके पर नगर निगम, विद्युत वितरण कंपनी, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासन का दावा है कि “आपका सेवक आपके द्वार” अभियान के जरिए जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- यदि मंत्री को खुद सड़कों पर उतरकर गंदगी और खराब व्यवस्थाएं देखनी पड़ रही हैं, तो क्या नगर निगम और संबंधित विभागों की नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था पूरी तरह विफल नहीं मानी जाए?
- “आपका सेवक आपके द्वार” अभियान के तहत मिली शिकायतों में से अब तक कितनी समस्याओं का स्थायी समाधान हुआ है और कितनी सिर्फ आश्वासन तक सीमित रह गईं?
- मंत्री द्वारा खुले ट्रांसफार्मर और झूलती बिजली लाइनों पर नाराजगी जताने के बाद क्या यह माना जाए कि शहर में बिजली सुरक्षा को लेकर पहले से गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी?
