अम्बिकापुर; मंत्री के दरबार में फूटा जनता का गुस्सा: सड़क, पानी और बिजली को लेकर अफसरों की लगी क्लास Aajtak24 News

अम्बिकापुर; मंत्री के दरबार में फूटा जनता का गुस्सा: सड़क, पानी और बिजली को लेकर अफसरों की लगी क्लास Aajtak24 News

अम्बिकापुर - राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को लखनपुर स्थित अपने निज निवास पर आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और नागरिक पहुंचे, जिन्होंने सड़क, बिजली, पेयजल, राजस्व मामलों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी शिकायतें मंत्री के सामने रखीं। जनदर्शन के दौरान कई ग्रामीणों ने खराब सड़कों, अनियमित बिजली आपूर्ति और पेयजल संकट को लेकर नाराजगी जाहिर की। कुछ लोगों ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिलने और राजस्व प्रकरणों के लंबित रहने की शिकायत भी की। मंत्री राजेश अग्रवाल ने हर शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल फोन लगाकर समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए।

मंत्री ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए और किसी भी फाइल को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि “जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन और विकास को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। उनका कहना था कि अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र के हर गांव और शहर तक विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

हालांकि, कार्यक्रम में जिस तरह बड़ी संख्या में लोग बुनियादी सुविधाओं की शिकायत लेकर पहुंचे, उसने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल भी खड़े कर दिए। लोगों का कहना था कि कई समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग ध्यान नहीं दे रहे। ऐसे में मंत्री के सामने शिकायत रखना ही उनकी मजबूरी बन गया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मंत्री के सहज व्यवहार और त्वरित निर्णय क्षमता की सराहना की। कई ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। जनदर्शन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी रही।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. अगर जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मंत्री को खुद फोन लगाकर अधिकारियों को निर्देश देने पड़ रहे हैं, तो क्या स्थानीय प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल नहीं माना जाए?
  2. जनदर्शन में सबसे ज्यादा शिकायतें सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की आईं, तो क्या सरकार मानती है कि विकास के दावे जमीन पर पूरी तरह नहीं उतर पाए हैं?
  3. मंत्री ने अधिकारियों को ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी’ की चेतावनी दी, लेकिन क्या अब तक किसी लापरवाह अधिकारी पर ठोस कार्रवाई भी हुई है या यह सिर्फ मंचीय बयान बनकर रह जाएगा?

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