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| ग्वालियर; कागजों से निकलकर बस्तियों तक पहुंची जनगणना टीम… ग्वालियर में घर-घर जाकर जांचीं हकीकत Aajtak24 News |
ग्वालियर - ग्वालियर में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जनगणना कार्य निदेशालय की सहायक निदेशक श्रीमती प्रेमा नायर मंगलवार को खुद शहर की बस्तियों में पहुंचीं और जमीनी स्तर पर चल रहे जनगणना कार्य की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने नगर निगम की टीम के साथ शहर के अलग-अलग जोनों में जाकर निरीक्षण किया। खासतौर पर जोन-9 के अंतर्गत मुरार क्षेत्र की बस्तियों, जोन-11 के ठाठीपुर क्षेत्र और जोन-22 के खुरैरी इलाके में पहुंचकर उन्होंने जनगणना कार्य की प्रगति और व्यवस्थाओं को देखा। निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक ने यह समझने की कोशिश की कि जनगणना कार्य कितनी गंभीरता और सटीकता से किया जा रहा है। बस्तियों में जाकर उन्होंने फील्ड कर्मचारियों से चर्चा की और वहां की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।
मैदानी निरीक्षण के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर भी समीक्षा की गई। श्रीमती प्रेमा नायर ने गूगल मीट के माध्यम से कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान, जिला जनगणना अधिकारी श्री अनिल बनवारिया और अन्य संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में जनगणना कार्य की प्रगति, चुनौतियों और दिशा-निर्देशों पर विस्तार से बात हुई। इसके बाद बाल भवन में नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय की मौजूदगी में शहरी क्षेत्र के जोनल चार्ज अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जनगणना कार्य की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशासन का कहना है कि जनगणना का काम पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ किया जाएगा, क्योंकि इसी आंकड़े के आधार पर भविष्य की कई सरकारी योजनाएं और विकास कार्य तय होते हैं। हालांकि शहर की बस्तियों में जाकर की गई यह पड़ताल यह भी संकेत देती है कि प्रशासन अब सिर्फ कागजी रिपोर्टों पर निर्भर रहने के बजाय जमीनी हकीकत जानने पर जोर दे रहा है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जनगणना कार्य की समीक्षा के लिए अधिकारियों को खुद बस्तियों में जाना पड़ रहा है, क्या इसका मतलब है कि जमीनी स्तर पर काम की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन को पहले से संदेह है?
- शहरी बस्तियों में अक्सर बड़ी संख्या में प्रवासी और अस्थायी परिवार रहते हैं। प्रशासन कैसे सुनिश्चित करेगा कि कोई भी परिवार जनगणना से छूट न जाए?
- यदि जनगणना के आंकड़ों पर भविष्य की योजनाएं तय होती हैं, तो गलत या अधूरी जानकारी देने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए क्या व्यवस्था बनाई गई है?
