गुना; अस्पताल में लगी ‘आग’ की चेतावनी… गुना जिला अस्पताल में मॉक ड्रिल से परखी गई सुरक्षा तैयारियां Aajtak24 News

गुना; अस्पताल में लगी ‘आग’ की चेतावनी… गुना जिला अस्पताल में मॉक ड्रिल से परखी गई सुरक्षा तैयारियां Aajtak24 News

गुना - जिला चिकित्सालय में मंगलवार को फायर सेफ्टी सप्ताह की शुरुआत के साथ अस्पताल की आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। कलेक्टर श्री किशोर कन्याल के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य अस्पताल स्टाफ को आग जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना था। 04 मई से 10 मई 2026 तक चलने वाले फायर सेफ्टी सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर अस्पताल परिसर में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और कर्मचारियों ने अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में सतर्क रहने की शपथ ली।

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मॉक ड्रिल रहा, जिसमें आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर अस्पताल स्टाफ को त्वरित कार्रवाई का अभ्यास कराया गया। सहायक प्रबंधक डॉ. सूरज सिंह ने RACE और PASS तकनीकों का डेमो देकर बताया कि आग लगने की स्थिति में किस तरह मरीजों को सुरक्षित निकालना है और आग पर शुरुआती नियंत्रण कैसे पाया जा सकता है। डेमो के दौरान कर्मचारियों को बताया गया कि RACE तकनीक के तहत सबसे पहले लोगों को सुरक्षित निकालना, अलार्म देना, आग को सीमित करना और फिर उसे बुझाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। वहीं PASS तकनीक के माध्यम से फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में अस्पताल के कई वरिष्ठ चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे। इनमें मनोरोग चिकित्सक डॉ. भाटी, डॉ. आर.एस. राजपूत, डॉ. पी.एन. धाकड़, मेट्रन इमरती देवी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और वार्ड इंचार्ज शामिल रहे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल औपचारिकता निभाना नहीं, बल्कि अस्पताल में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करना है ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जनहानि और अफरा-तफरी को रोका जा सके। हाल के वर्षों में देश के कई अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं के बाद स्वास्थ्य संस्थानों में फायर सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। ऐसे में गुना जिला अस्पताल में आयोजित यह अभ्यास सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी को परखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. देशभर में अस्पतालों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। क्या गुना जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित ऑडिट और जांच वास्तव में समय पर होती है या यह सिर्फ सप्ताह भर की औपचारिकता बनकर रह जाती है?
  2. मॉक ड्रिल तो आयोजित हो गई, लेकिन क्या अस्पताल के सभी वार्डों में पर्याप्त फायर एग्जिट, कार्यशील फायर अलार्म और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित है?
  3. यदि अस्पताल में वास्तविक आपदा की स्थिति बनती है, तो क्या वर्तमान संसाधनों और स्टाफ के आधार पर गंभीर मरीजों और ICU वार्ड को सुरक्षित निकालने की पूरी तैयारी है?

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