मंदसौर; सड़क पर सख्ती: साइनेज नहीं तो जवाबदेही तय—कलेक्टर का साफ संदेश, अब देरी पर सीधे पेनल्टी! Aajtak24 News

मंदसौर; सड़क पर सख्ती: साइनेज नहीं तो जवाबदेही तय—कलेक्टर का साफ संदेश, अब देरी पर सीधे पेनल्टी! Aajtak24 News

मंदसौर - जिले में सुशासन भवन स्थित सभागृह में आयोजित सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने साफ संकेत दिए कि अब विकास कार्यों में लापरवाही और देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई और एमपीआरडीसी के चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

सड़क सुरक्षा पर बड़ा फोकस: साइनेज अनिवार्य

कलेक्टर ने NHAI को स्पष्ट निर्देश दिए कि—

  • राष्ट्रीय राजमार्ग के महत्वपूर्ण स्थानों पर साइनेज अनिवार्य रूप से लगाए जाएं
  • इंटरचेंज, रोड मर्जिंग पॉइंट और प्रमुख चौराहों पर स्पष्ट संकेतक हों
  • यातायात सुरक्षा और सुगमता सर्वोच्च प्राथमिकता हो

उन्होंने कहा कि संकेतक की कमी सीधे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ाती है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाए।

एम्बुलेंस मूवमेंट पर विशेष जोर

बैठक में एम्बुलेंस सेवाओं को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए—

  • एम्बुलेंस का समयबद्ध मूवमेंट सुनिश्चित किया जाए
  • मरीजों को बिना देरी सेवा मिले
  • एम्बुलेंस में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों

अंडरपास में जलभराव पर सख्ती

कलेक्टर ने अंडरपास में जलभराव की समस्या को गंभीर मानते हुए निर्देश दिए—

  • ड्रेनेज पाइपलाइन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए
  • वर्षा के दौरान यातायात बाधित न हो
  • स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए

लंबित सड़क निर्माण पर नाराजगी

बैठक का सबसे सख्त हिस्सा लंबित निर्माण कार्यों पर कार्रवाई रहा—

  • 2023-24 से लंबित कार्यों पर नाराजगी जताई गई
  • देरी करने वाली एजेंसियों पर पेनल्टी लगाने के निर्देश
  • कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा गया
  • सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने का आदेश

गुणवत्ता और डिजाइन पर भी सख्ती

कलेक्टर ने कहा कि—

  • सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा
  • बिना अनुमति डिजाइन में बदलाव नहीं किया जाएगा
  • इंजीनियरिंग मानकों का पालन अनिवार्य है

सड़क सुरक्षा समिति पर भी निर्देश

जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।

लोक कल्याण सरोवर पर भी चर्चा

सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से चिन्हित स्थलों पर लोक कल्याण सरोवर निर्माण के निर्देश भी बैठक में दिए गए, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

इस बैठक का बड़ा संकेत क्या है?

यह स्पष्ट है कि प्रशासन अब सड़क परियोजनाओं को केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि सुरक्षा, समयबद्धता और जवाबदेही के समग्र मॉडल के रूप में देख रहा है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. क्या सड़क निर्माण एजेंसियों पर पेनल्टी लगाने की व्यवस्था पहले से प्रभावी निगरानी तंत्र की कमी को उजागर करती है?

2. बार-बार लंबित कार्यों पर नाराजगी के बावजूद क्या वास्तविक स्तर पर प्रोजेक्ट टाइमलाइन सुधार पा रही है, या समस्या वही की वही बनी रहती है?

3. क्या साइनेज और सुरक्षा मानकों की कमी केवल निर्माण चरण की समस्या है, या इनके रखरखाव और जिम्मेदारी तय करने में भी सिस्टम कमजोर है?



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