| जल निगम एवं पीएचई विभाग के कार्यों की कलेक्टर ने की समीक्षा, गर्मी में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति के दिए निर्देश Aajtak24 News |
सीहोर - कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग एवं जल निगम की समीक्षा बैठक आयोजित कर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति बाधित न हो यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के दौरान यदि पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होती हैं तो उन्हें तत्काल दुरुस्त किया जाए। इसके साथ ही कहीं से भी यदि पेयजल संबंधी शिकायत प्राप्त होती है तो उसका शीघ्र निराकरण किया जाए।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पेयजल परियोजनाओं में हो रहे विलंब पर घोर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि परियोजनाओं का कार्य जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं वन विभाग कि अनुमति न मिलने के कारण लंबित हैं, उनकी अनुमति लेकर जल्द से जल्द कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि परियाजनाओं के कार्यों को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढ़ग से पूर्ण कराने के लिए अधिकारी ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव ने भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल आपूर्ति के लिए प्रभावी कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है। शिकायत निवारण के लिए स्थापित कंट्रोल रूम में अब तक प्राप्त 369 शिकायतों में से 348 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। ग्रीष्मकाल में पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए 158 हैंडपंपों में 723 मीटर राइजर पाइप बढ़ाकर उन्हें पुनः चालू किया गया है तथा जल स्तर नीचे चले जाने वाले 38 हैंडपंपों में सिंगल फेस मोटर पंप डालकर पेयजल आपूर्ति प्रारंभ की गई है। इसके अतिरिक्त भरे-पटे नलकूपों की सफाई का कार्य भी सतत रूप से किया जा रहा है, जिसके तहत मार्च माह से अब तक 15 नलकूपों की सफाई कर उन्हें पुनः चालू किया गया है।
बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान जानकारी दी गई कि जिले में स्वीकृत 332 एकल नलजल प्रदाय योजनाओं में से 317 योजनाओं का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 15 योजनाओं को 30 मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कम जल उपलब्धता वाले 148 नलकूपों को चिन्हित कर उनमें रिचार्ज शॉफ्ट एवं रिचार्ज पिट निर्माण का कार्य किया जा रहा है।
समीक्षा बैठक में समूह जलप्रदाय योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। इस दौरान जानकारी दी गई कि आष्टा-रानीपुरा समूह जलप्रदाय योजना के अंतर्गत जिले के 719 ग्रामों को लाभान्वित किया जाना है तथा योजना की समग्र भौतिक प्रगति लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। बैठक में बताया गया कि जल गुणवत्ता परीक्षण, टंकियों एवं वाल्व चेंबरों की नियमित साफ-सफाई तथा एफटीके किट के माध्यम से गांवों में पेयजल की जांच के लिए प्रशिक्षण सहित अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही है। बैठक में पीएचई विभाग कार्यपालन यंत्री श्री प्रदीप सक्सेना, जल निगम के महाप्रबंधक मोहम्मद जैनुल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।