विदिशा; नदी किनारे ईंट-भट्टों पर कड़ा शिकंजा या सिर्फ आदेश? कलेक्टर ने दी सख्त चेतावनी Aajtak24 News

विदिशा; नदी किनारे ईंट-भट्टों पर कड़ा शिकंजा या सिर्फ आदेश? कलेक्टर ने दी सख्त चेतावनी Aajtak24 News

विदिशा - जिले में अवैध गतिविधियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में कहीं भी शासकीय भूमि या नदी किनारे अवैध ईंट-भट्टों का संचालन नहीं होना चाहिए। यदि ऐसे भट्टे पाए जाते हैं तो संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने यह निर्देश लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए और सभी अनुविभागीय अधिकारियों को वर्चुअल माध्यम से भी स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में श्रम विभाग, सीएम मॉनिटरिंग, पेंशन प्रकरण, न्यायालयीन मामलों और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। श्रमोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में लापरवाही पर श्रम अधिकारी और डीपीसी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने यह भी सख्ती दिखाई कि कोई भी अधिकारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। साथ ही एनआरसी वार्ड में भर्ती बच्चों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. नदी किनारे और शासकीय भूमि पर ईंट-भट्टों का संचालन “नहीं होने देने” के निर्देश पहले भी कई बार दिए गए हैं, तो क्या प्रशासन यह बताएगा कि अब तक ऐसे कितने अवैध भट्टे हटाए गए और कितनों पर कार्रवाई सिर्फ कागजों में रह गई?
  2. एसडीएम और तहसीलदारों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, लेकिन क्या पिछले मामलों में किसी अधिकारी की वास्तविक जवाबदेही तय कर दंडात्मक कार्रवाई की गई है या यह सिर्फ मौखिक सख्ती तक सीमित रहता है?
  3. सीएम मॉनिटरिंग और लंबित प्रकरणों की समीक्षा के बावजूद शिकायतें लगातार लंबित क्यों रहती हैं—क्या सिस्टम में फॉलोअप की कमी है या जानबूझकर देरी की जा रही है?

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