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| सीहोर; कागजों में रफ्तार, जमीन पर सुस्ती? कलेक्टर की नाराजगी से खुली योजनाओं की पोल Aajtak24 News |
सीहोर - जिले में आयोजित टीएल बैठक में कलेक्टर ने जनगणना और जल गंगा संवर्धन अभियान की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई। बैठक में स्पष्ट कहा गया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनगणना कार्य, वन मित्र पोर्टल, कॉलेज प्रवेश और समग्र ई-केवाईसी जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाई देने चाहिए, केवल रिपोर्टों में प्रगति दिखाना पर्याप्त नहीं है।
जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर भी कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय को केवल औपचारिकता नहीं बनने दिया जा सकता। इसके लिए गांव-गांव में जागरूकता बढ़ाने और अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी तय किया गया कि 12वीं पास कोई भी विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। सभी छात्रों का कॉलेजों में पंजीयन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा और इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
इसके अलावा, राजस्व विभाग के मामलों जैसे सीमांकन, नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों को समय सीमा में निपटाने के निर्देश दिए गए। पांडुलिपियों के संरक्षण को लेकर भी कलेक्टर ने नागरिकों और संस्थाओं को जागरूक करने पर जोर दिया। कलेक्टर ने साफ कहा कि यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब जनगणना और जल गंगा संवर्धन जैसे अभियान “राष्ट्रीय प्राथमिकता” हैं, तो बार-बार प्रगति धीमी क्यों हो रही है — क्या फील्ड लेवल पर मॉनिटरिंग पूरी तरह विफल हो रही है?
- क्या विभागों की लापरवाही पर केवल नाराजगी जताना काफी है, या फिर अब तक किसी अधिकारी पर जिम्मेदारी तय कर वास्तविक कार्रवाई की गई है?
- कॉलेज एडमिशन और ई-केवाईसी जैसे कार्यों में “शत-प्रतिशत लक्ष्य” का दावा किया जा रहा है, लेकिन क्या इसका कोई स्वतंत्र सत्यापन (independent verification) सिस्टम मौजूद है जो वास्तविकता जांच सके?
