बलरामपुर; बैठक में किसानों के हितों की बड़ी बातें, लेकिन जमीन पर कब दिखेगा असर? Aajtak24 News

बैठक में किसानों के हितों की बड़ी बातें, लेकिन जमीन पर कब दिखेगा असर? Aajtak24 News

बलरामपुर - छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद की समीक्षा बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही बना रहा कि क्या इन बैठकों का असर वास्तव में खेतों तक पहुंच पा रहा है। बलरामपुर में आयोजित बैठक में परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और किसानों के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।

संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, सिंचाई, वानिकी और मार्कफेड विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समय पर लाभ पहुंचाने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

बैठक में कृषि स्थायी समिति के सभापति बद्री यादव, किसान मोर्चा के प्रतिनिधि और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी भी शामिल हुए। चर्चा के दौरान आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रचार-प्रसार, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।

अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी ने कहा कि किसानों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रियता जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करने की बात कही। बैठक में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादन बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

हालांकि, बैठक में बड़े दावे और निर्देश दिए गए, लेकिन किसानों की वास्तविक स्थिति को लेकर कई सवाल अब भी बने हुए हैं। क्षेत्र के कई किसान लंबे समय से खाद, सिंचाई, समर्थन मूल्य भुगतान और फसल बीमा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में सिर्फ समीक्षा बैठकों से हालात बदलेंगे या नहीं, इसे लेकर ग्रामीणों के बीच संदेह भी दिखाई दे रहा है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि योजनाओं की घोषणा और बैठकों से ज्यादा जरूरी है कि गांव स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन हो। यदि विभागों के बीच समन्वय और निगरानी मजबूत नहीं हुई, तो किसानों तक लाभ पहुंचने में देरी होती रहेगी।

प्रेस वार्ता में पूछे जा सकने वाले तीखे सवाल

  1. कृषकों के हित में लगातार समीक्षा बैठकों और निर्देशों के बावजूद किसानों को खाद, सिंचाई और भुगतान जैसी समस्याओं से जूझना क्यों पड़ रहा है?
  2. क्या परिषद के पास ऐसा कोई सिस्टम है, जिससे यह मॉनिटर किया जा सके कि बैठकों में दिए गए निर्देश वास्तव में गांव स्तर तक लागू भी हो रहे हैं या नहीं?
  3. किसानों की आय बढ़ाने की बात हर बैठक में होती है, लेकिन क्या सरकार यह बताने को तैयार है कि पिछले वर्षों में किसानों की वास्तविक आय में कितना बढ़ोतरी हुई है?

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