दुर्ग; मां के नाम पेड़ और संतान के नाम सोखता… दुर्ग में सांसद ने योजनाओं को दी पर्यावरणीय दिशा Aajtak24 News

दुर्ग; मां के नाम पेड़ और संतान के नाम सोखता… दुर्ग में सांसद ने योजनाओं को दी पर्यावरणीय दिशा Aajtak24 News

दुर्ग - जिले में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल ने विकास योजनाओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अब विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हर योजना में हरियाली और जल संरक्षण को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा। सांसद ने “एक पेड़ मां के नाम” और “एक सोखता संतान के नाम” अभियान को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह पहल केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक पर्यावरण सुधार का माध्यम बने। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाया जाए।

बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों में पौधारोपण को अनिवार्य रूप से शामिल करने और भवन निर्माण अनुमति के समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। जल जीवन मिशन को लेकर सांसद ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ उनकी सतत मॉनिटरिंग भी जरूरी है, ताकि लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके।

कृषि क्षेत्र को लेकर उन्होंने समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने, पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मानसून से पहले टीकाकरण अभियान चलाने और ग्रामीण सड़कों की हालत सुधारने के निर्देश भी दिए। बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी, जिसमें मनरेगा, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण विकास की अन्य योजनाएं शामिल रहीं।

सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि मनरेगा के तहत लक्ष्य के अनुरूप मानव दिवस सृजन किया जा चुका है, जबकि शेष अवधि में रोजगार सृजन बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। सांसद ने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब वह गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पर्यावरण संतुलन भी बना रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. “एक पेड़ मां के नाम” और “सोखता संतान के नाम” जैसे अभियानों की वास्तविक ग्राउंड मॉनिटरिंग कैसे सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह केवल कार्यक्रम तक सीमित न रह जाए?
  2. क्या रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और वृक्षारोपण को भवन अनुमति से जोड़ने के लिए कोई बाध्यकारी कानूनी व्यवस्था लागू की गई है या यह सिर्फ निर्देशात्मक स्तर पर है?
  3. जल जीवन मिशन के तहत जिन गांवों में योजनाएं चल रही हैं, वहां पानी की गुणवत्ता और नियमित सप्लाई की स्वतंत्र जांच का कोई तंत्र बनाया गया है या नहीं?

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