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| सारंगढ़; गांव-गांव में जहर का कारोबार खत्म करने पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक, अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई Aajtak24 News |
सारंगढ़ - जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सरसींवा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कच्ची महुआ शराब के अवैध निर्माण और बिक्री में लिप्त गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। गुप्त सूचना के आधार पर थाना प्रभारी सरसींवा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम छिरचुआं और बिलासपुर क्षेत्र में दबिश दी। इस दौरान अलग-अलग स्थानों से अवैध रूप से निर्मित कच्ची महुआ शराब बरामद की गई।
पुलिस ने कुल मिलाकर 270 बल्क लीटर से अधिक अवैध कच्ची महुआ शराब और शराब निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 56,300 रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मीना गोंड, भमिनी बनज, मोहन गोंड, श्रवण गोंड और अघोरी डहरिया सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं एक आरोपी भागीरथी गोंड मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से हथभट्टी के माध्यम से कच्ची महुआ शराब का निर्माण कर आसपास के गांवों में सप्लाई और बिक्री कर रहे थे। इस अवैध कारोबार से क्षेत्र में सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही थीं। थाना सरसींवा पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 59(क) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध शराब, जुआ और सट्टा जैसे अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्थिति में ऐसे कारोबार को बख्शा नहीं जाएगा।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- चार अलग-अलग मामलों में इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब बन रही थी, क्या स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र पूरी तरह विफल हो गया था?
- क्या इस अवैध शराब कारोबार के पीछे कोई संगठित नेटवर्क या राजनीतिक/स्थानीय संरक्षण की भूमिका की भी जांच की जा रही है?
- सिर्फ गिरफ्तारी और जप्ती के बाद क्या भविष्य में इस तरह के अवैध उत्पादन को रोकने के लिए कोई स्थायी रोकथाम योजना बनाई गई है या यह केवल रूटीन कार्रवाई है?
