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| सागर; अतिक्रमण हटाओ, तालाब बचाओ—जलगंगा अभियान में सागर प्रशासन की तेज कार्रवाई के निर्देश Aajtak24 News |
सागर - कलेक्टर प्रतिभा पाल ने समय-सीमा बैठक में जिले की जल संरचनाओं के संरक्षण, प्रशासनिक अनुशासन और योजनाओं की प्रगति को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून से पहले सभी तालाबों, बावड़ियों और जल संरचनाओं को दुरुस्त किया जाए तथा उन पर किए गए अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए। ‘जलगंगा संवर्धन अभियान’ के तहत कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर तालाबों की स्थिति जांचने और जल स्रोतों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आयोगों से प्राप्त पत्र और सीएम मॉनिट की रिपोर्ट 15 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से भेजी जाए। उन्होंने सभी विभागों को चेतावनी दी कि पेंडिंग मामलों को इसी सप्ताह में निपटाया जाए। प्रशासनिक सख्ती बढ़ाते हुए कलेक्टर ने सभी शासकीय कार्यालयों में समय का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और कार्यों में अनुशासन बनाए रखें।
उपार्जन व्यवस्था को लेकर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने एसडीएम को नियमित निरीक्षण और मंडी विजिट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, स्टॉक विसंगति या परिवहन में अनियमितता नहीं होनी चाहिए। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने उन ब्लॉकों पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) शत-प्रतिशत नहीं भरे गए हैं। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को स्वयं मॉनिटरिंग करने और मैदानी अमले को घर-घर जाकर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें केंद्रों में भर्ती कराने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विवेक के.वी., नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन सहित सभी एसडीएम और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- तालाबों और बावड़ियों पर अतिक्रमण लंबे समय से चल रहा है, क्या इस बार प्रशासन यह बताएगा कि अब तक कितने अतिक्रमण स्थायी रूप से हटाए गए हैं?
- 10 से 6 की ऑफिस हाजिरी लागू करने के बावजूद कई विभागों में फील्ड अनुपस्थिति की शिकायतें क्यों आती हैं—क्या मॉनिटरिंग सिस्टम कमजोर है?
- NRC में शत-प्रतिशत भर्ती का लक्ष्य कई बार तय होता है, लेकिन फिर भी कुपोषित बच्चों की संख्या क्यों बनी रहती है—क्या डेटा और ग्राउंड रियलिटी में अंतर है?
