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| पन्ना; गेहूं उपार्जन से लेकर आयुष्मान कार्ड तक… पन्ना प्रशासन का फुल मॉनिटरिंग फोकस Aajtak24 News |
पन्ना - कलेक्टर ऊषा परमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समयावधि पत्रों (टीएल) की समीक्षा बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े सभी मामलों का समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर ऊषा परमार ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कमजोर प्रदर्शन करने वाले विभागों पर नाराजगी जताई। उन्होंने डी ग्रेड विभागों को सख्त निर्देश दिए कि वे तत्काल सुधार कर ए ग्रेड में आएं, वहीं बी और सी ग्रेड विभागों को भी समय रहते प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और एल-1 एवं एल-2 स्तर पर लंबित शिकायतों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना को लेकर निर्देश दिए कि 15 हजार रुपये या उससे कम वेतन पाने वाले सभी पात्र कर्मचारियों को इस योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि पात्र कर्मचारियों का पंजीयन कर उन्हें योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा विद्युत विभाग को अधिक बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निराकरण, पीएचई विभाग को पेयजल समस्याओं के समाधान और आरटीओ विभाग को नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने गांव-गांव टीम भेजकर एएनसी महिलाओं के पंजीयन और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित करने को कहा। गेहूं उपार्जन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ऊषा परमार ने सभी खरीदी केंद्रों पर चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए छाया, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं हर केंद्र पर उपलब्ध रहनी चाहिए। बारिश की संभावना को देखते हुए समय से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में आयुष्मान कार्ड, जल गंगा अभियान, नरवाई जलाने पर रोक, पोषण पुनर्वास केंद्रों में किट वितरण और लंबित न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने और फील्ड में सक्रिय रहने की हिदायत दी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- सीएम हेल्पलाइन में लगातार खराब रैंकिंग के बावजूद विभागों पर ठोस कार्रवाई कब होगी या यह केवल चेतावनी तक सीमित रहेगा?
- प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में पात्र कर्मचारियों का अभी तक कितना पंजीयन हुआ है और लक्ष्य पूरा न होने की जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
- गेहूं उपार्जन केंद्रों पर हर साल व्यवस्थाओं की समीक्षा होती है, फिर भी बारिश या भीड़ की स्थिति में अव्यवस्था क्यों सामने आती है—क्या सिस्टम में स्थायी सुधार हुआ है?
