हरदा में मंत्री का सख्त संदेश… ‘गेहूं खरीदी में गड़बड़ी मिली तो नहीं बचेंगे जिम्मेदार Aajtak24 News

हरदा में मंत्री का सख्त संदेश… ‘गेहूं खरीदी में गड़बड़ी मिली तो नहीं बचेंगे जिम्मेदार Aajtak24 News

हरदा - जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी, अवैध खनन, अतिक्रमण हटाने और किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र किसान गेहूं बेचने से वंचित नहीं रहना चाहिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके, विधायक डॉ. आर.के. दोगने, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह, पूर्व कृषि मंत्री श्री कमल पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री श्री सारंग ने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और गेहूं खरीदी कार्य की प्रतिदिन समीक्षा की जाए। किसानों के बीच जनजागरूकता अभियान चलाकर उन्हें भरोसा दिलाया जाए कि उनके गेहूं की खरीदी हर हाल में होगी। बैठक में आगामी वर्ष से ग्राम पंचायत स्तर पर उर्वरक वितरण की नई व्यवस्था लागू करने की जानकारी भी दी गई। मंत्री ने कहा कि इससे किसानों को गांव के पास ही खाद उपलब्ध हो सकेगा और वितरण व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी। खनिज विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने अवैध उत्खनन और परिवहन पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध माइनिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खनिज माफियाओं में पुलिस का भय दिखना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं औचक निरीक्षण करेंगे।

बैठक में वन भूमि और शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए भी समयसीमा तय की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दो माह के भीतर वन भूमि और तीन माह के भीतर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की जाए। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान परीक्षा परिणामों में सुधार, स्कूलों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति के कारणों के विश्लेषण और सांदीपनी स्कूलों की व्यवस्था के अध्ययन के निर्देश दिए गए। वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में सड़कों की गुणवत्ता, राशन वितरण, अस्पताल व्यवस्थाओं और सिंचाई सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को खराब सड़कों के उन्नयन प्रस्ताव तैयार करने और गारंटी अवधि में खराब निर्माण मिलने पर संबंधित ठेकेदारों से राशि वसूलने के निर्देश दिए गए।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. यदि हर साल गेहूं खरीदी में किसानों को परेशानी होती है, तो अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या ठोस कार्रवाई हुई है?
  2. अवैध माइनिंग पर सख्ती की बात बार-बार होती है, लेकिन क्या प्रशासन यह मानता है कि बिना स्थानीय संरक्षण के इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव है?
  3. वन और शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की समयसीमा तय की गई है, लेकिन क्या प्रभावशाली कब्जाधारियों पर भी समान कार्रवाई होगी या केवल छोटे लोगों पर बुलडोजर चलेगा?

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