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| खंडवा; खेत से बाजार तक महिलाओं की उड़ान! अब प्याज-टमाटर बेचेंगी नहीं, ब्रांड बनाकर कमाई बढ़ाएंगी Aajtak24 News |
खंडवा - जिले में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई पहल के तहत “एक जिला एक उत्पाद” योजना के अंतर्गत 5 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में स्व सहायता समूहों की महिलाओं को प्याज, अरबी और टमाटर जैसे स्थानीय कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग की तकनीक सिखाई गई, ताकि वे खेती को सिर्फ उत्पादन तक सीमित न रखकर उससे बेहतर कमाई भी कर सकें।ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक आनंद शर्मा ने बताया कि कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देशन में 5 से 9 मई तक यह प्रशिक्षण सीवी रमन यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर मूल्य संवर्धन आधारित आजीविका से जोड़ना था। महिलाओं को बताया गया कि किस तरह प्याज, टमाटर और अरबी जैसे उत्पादों की प्रोसेसिंग कर उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और बाजार में बेहतर कीमत हासिल की जा सकती है।
कार्यक्रम में महिलाओं को पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, बाजार तक पहुंच और उत्पादों की बिक्री से जुड़ी जानकारी भी दी गई। अधिकारियों का कहना है कि यदि ग्रामीण स्तर पर कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग बढ़ती है तो इससे किसानों और महिला समूहों दोनों की आय में वृद्धि हो सकती है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के अनुसार इस तरह के प्रशिक्षण महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेंगे। साथ ही गांवों में छोटे स्तर के फूड प्रोसेसिंग यूनिट विकसित होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- महिलाओं को प्रोसेसिंग और मार्केटिंग का प्रशिक्षण तो दिया गया, लेकिन क्या प्रशासन उनके उत्पादों की बिक्री के लिए स्थायी बाजार और खरीद व्यवस्था भी सुनिश्चित करेगा?
- ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बात हो रही है, लेकिन क्या प्रशिक्षण के बाद उन्हें मशीनरी, पैकेजिंग और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की कोई ठोस योजना है?
- “एक जिला एक उत्पाद” योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार हो रहे हैं, लेकिन क्या सरकार यह बताएगी कि पिछले वर्षों में प्रशिक्षित कितने समूह वास्तव में सफल व्यवसाय स्थापित कर पाए हैं?
