मंडला; सीएम हेल्पलाइन से पीडीएस तक सख्ती—मंडला कलेक्टर ने अफसरों की जवाबदेही तय की Aajtak24 News

मंडला; सीएम हेल्पलाइन से पीडीएस तक सख्ती—मंडला कलेक्टर ने अफसरों की जवाबदेही तय की Aajtak24 News

मंडला - कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने सोमवार को जिला योजना भवन में आयोजित समय-सीमा और विभागीय समन्वय समिति की बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि हितग्राही मूलक योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर राहुल धोटे ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत “नॉन अटेंड” न रहे। उन्होंने कहा कि 50 दिनों से अधिक लंबित मामलों में नियम अनुसार कार्रवाई कर समाधान किया जाए और सभी विभाग ए ग्रेड रेटिंग सुनिश्चित करें।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सीएम मॉनिट और सीएस मॉनिट के प्रकरणों में विभाग प्रमुख स्वयं व्यक्तिगत रूप से फॉलोअप करें, ताकि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और स्थायी समाधान हो सके। जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों को अपने-अपने कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। पीएचई विभाग को हैंडपंप, स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों में पेयजल की नियमित जांच करने को कहा गया।

पेयजल व्यवस्था को लेकर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सिंगल विलेज स्कीम, जल निगम की योजनाओं और हैंडपंपों की स्थिति की निगरानी अनुविभागीय अधिकारी स्वयं करेंगे, ताकि गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या न हो।अनुकंपा नियुक्ति को लेकर कलेक्टर ने सभी विभागों को रोस्टर तैयार कर लंबित मामलों का एक सप्ताह में परीक्षण करने और 30 जून तक सभी प्रकरणों को अनिवार्य रूप से निराकृत करने के निर्देश दिए। फील्ड विजिट पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी जिला अधिकारी नियमित रूप से दूरस्थ क्षेत्रों का भ्रमण करें और वास्तविक स्थिति के आधार पर निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। पीडीएस व्यवस्था की समीक्षा में कलेक्टर ने राशन वितरण शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और जिला आपूर्ति अधिकारी तथा नान प्रबंधक को समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा। 

एचपीवी टीकाकरण अभियान और रोजगार मेले की तैयारियों की भी समीक्षा की गई, जिसमें युवाओं की काउंसिलिंग कर उनकी रुचि के अनुसार रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया गया। बैठक में वन अधिकार दावे, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों की स्थिति तथा अन्य विभागीय विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सभी अधिकारियों को समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. सीएम हेल्पलाइन में लगातार सुधार के निर्देश दिए जाते हैं, फिर भी “नॉन अटेंड” शिकायतें क्यों सामने आती हैं—क्या जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया कमजोर है?
  2. अनुकंपा नियुक्ति के हजारों लंबित मामलों के बावजूद हर बार नई डेडलाइन क्यों दी जाती है—क्या सिस्टम में कोई स्थायी समाधान नहीं है?
  3. पीडीएस में शत-प्रतिशत वितरण का दावा हर बैठक में होता है, फिर भी कई क्षेत्रों में राशन न मिलने की शिकायतें क्यों मिलती हैं?

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