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| सीधी; कागज़ नहीं, ज़मीन पर काम चाहिए!” – रीती पाठक ने विकास कार्यों की रफ्तार पर अफसरों को घेरा Aajtak24 News |
सीधी - जिले में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और लंबित परियोजनाओं को लेकर विधायक श्रीमती रीती पाठक ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अब काम सिर्फ फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के अधोसंरचना विकास की समीक्षा बैठक में विधायक ने गोपाल दास मंदिर, प्रस्तावित स्टेडियम और ई-लाइब्रेरी निर्माण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में पेयजल, बिजली, सड़क, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण और कानून व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों की समीक्षा की गई। विधायक ने सभी विभागों को एक-दूसरे के साथ समन्वय बनाकर काम करने और शहर को स्वच्छ, सुंदर व व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के कार्य समयसीमा में पूरे किए जाएं और जिन कार्यों में देरी हो रही है, उनके ठेकेदारों पर कार्रवाई कर ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया अपनाई जाए।
अवैध कॉलोनियों, अवैध होर्डिंग, रेत उत्खनन और नशा कारोबार पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत, पेयजल व्यवस्था मजबूत करने और बिजली आपूर्ति में बाधा न आने देने पर जोर दिया गया। विधायक ने स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं का लाभ जनता तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे, यही प्रशासन की असली जिम्मेदारी है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या कारण है कि गोपाल दास मंदिर, स्टेडियम और ई-लाइब्रेरी जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट वर्षों से तय समयसीमा के बावजूद पूरा नहीं हो पाए—क्या यह प्रशासनिक विफलता है या राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी?
- अवैध कॉलोनियों और रेत उत्खनन पर लगातार निर्देश के बावजूद कार्रवाई जमीनी स्तर पर कमजोर क्यों दिखती है—क्या इसमें स्थानीय स्तर पर मिलीभगत की आशंका है?
- जब हर समीक्षा बैठक में ‘समन्वय और समयसीमा’ की बात दोहराई जाती है, तो क्या वास्तविक मॉनिटरिंग सिस्टम फेल हो चुका है या सिर्फ औपचारिक बैठकों तक ही विकास सीमित रह गया है?
