अम्बिकापुर; एक चुटकी तम्बाकू… और जिंदगी खत्म! नर्सिंग छात्रों को दिखाया मौत की लत का खौफनाक सच Aajtak24 News

अम्बिकापुर; एक चुटकी तम्बाकू… और जिंदगी खत्म! नर्सिंग छात्रों को दिखाया मौत की लत का खौफनाक सच Aajtak24 News

अम्बिकापुर - छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर में तम्बाकू और धूम्रपान के बढ़ते खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा जागरूकता अभियान चलाया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में व्ही केयर नर्सिंग कॉलेज और पुष्पेन्द्र नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों को तम्बाकू सेवन से होने वाले गंभीर दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन कोटपा एक्ट 2003 के तहत किया गया, जिसमें युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान डीईआई प्रबंधक श्री कमल नारायण ने कहा कि तम्बाकू युक्त पदार्थ धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खोखला कर देते हैं और आगे चलकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का कारण बनते हैं। उन्होंने बताया कि कई लोग तम्बाकू छोड़ना तो चाहते हैं, लेकिन सही मार्गदर्शन और परामर्श के अभाव में नशे की गिरफ्त से बाहर नहीं निकल पाते। ऐसे में युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे समाज को जागरूक करें और लोगों को इसके दुष्परिणाम समझाएं।

ड्रग इंस्पेक्टर श्री अनिल पैकरा ने तम्बाकू सेवन से होने वाले खतरों पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि धूम्रपान और धुआं रहित तम्बाकू दोनों ही शरीर के लिए बेहद घातक हैं। उन्होंने कहा कि तम्बाकू के सेवन से फेफड़ों का कैंसर, मुंह का कैंसर, लीवर, अग्न्याशय, गुर्दा, मूत्राशय, नाक की गुहा और गर्भाशय ग्रीवा जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। विशेष रूप से धुआं रहित तम्बाकू को मुख कैंसर का प्रमुख कारण बताया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि नशे की आदत धीरे-धीरे व्यक्ति की सहनशीलता बढ़ा देती है और वह अन्य नशीले पदार्थों की ओर भी आकर्षित होने लगता है। कार्यक्रम में छात्रों को बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और नशा मुक्त समाज के महत्व पर भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर सहायक औषधि अधिकारी श्री किशोर कुमार ठाकुर, औषधि निरीक्षक श्री अमरेश कुमार तिर्की, श्री प्रशांत कश्यप, संस्थान के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें समाज में बदलाव का माध्यम बनाना भी था।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब तम्बाकू से कैंसर और मौत जैसी गंभीर बीमारियां जुड़ी हैं, तो स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास खुलेआम तम्बाकू बिक्री पर अब तक कितनी प्रभावी कार्रवाई हुई है?
  2. सरकार हर साल जागरूकता कार्यक्रम करती है, लेकिन प्रदेश में तम्बाकू सेवन करने वालों की संख्या लगातार क्यों बढ़ रही है? क्या अभियान सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गए हैं?
  3. तम्बाकू छोड़ने की सलाह तो दी जाती है, लेकिन सरकारी अस्पतालों में नशा मुक्ति और काउंसलिंग की मजबूत व्यवस्था आखिर कितने जिलों में वास्तव में उपलब्ध है?

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