बालोद; 41 दुकानदारों पर चला कोटपा का डंडा: बालोद में तम्बाकू बेचने वालों पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी मार Aajtak24 News

बालोद; 41 दुकानदारों पर चला कोटपा का डंडा: बालोद में तम्बाकू बेचने वालों पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी मार

बालोद - छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में तम्बाकू उत्पादों और नशीली दवाओं के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा अभियान चलाते हुए कई दुकानदारों पर कार्रवाई की है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर गठित खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 6 और 7 मई को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 के तहत 41 चालानी कार्रवाई की गई।

कार्रवाई झलमला चौक, रेलवे फाटक, दल्लीराजहरा प्रेस स्टैंड, डौण्डी सहित कई क्षेत्रों में संचालित दुकानों पर की गई। जांच के दौरान दुकानदारों को तम्बाकू उत्पादों के प्रदर्शन, धूम्रपान निषेध बोर्ड लगाने और नाबालिगों को तम्बाकू उत्पाद नहीं बेचने संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

इसके साथ ही स्वापक एवं मनः प्रभावी औषधियों यानी नशीली दवाओं को लेकर जिले की दवा दुकानों का भी औचक निरीक्षण किया गया। मेडिकल स्टोर्स में खरीदी और बिक्री के रिकॉर्ड की जांच की गई। दवा विक्रेताओं को निर्देश दिए गए कि वे नशीली दवाओं का रिकॉर्ड नियमानुसार संधारित करें और केवल डॉक्टर की वैध पर्ची पर ही ऐसी दवाओं की बिक्री करें।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान सिर्फ तम्बाकू तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और अवैध दवा कारोबार पर रोक लगाने की व्यापक पहल का हिस्सा है। विभाग ने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की जांच और चालानी कार्रवाई जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत “सही दवा, शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” नाम से 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब नाबालिगों को तम्बाकू बिक्री कानूनन अपराध है, तो स्कूल-कॉलेजों के आसपास खुलेआम गुटखा और सिगरेट बेचने वालों पर अब तक कितनी स्थायी कार्रवाई हुई है?
  2. जिले में नशीली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए रिकॉर्ड जांच की बात हो रही है, लेकिन क्या विभाग के पास यह आंकड़ा है कि पिछले एक वर्ष में कितनी मेडिकल दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए?
  3. कोटपा एक्ट के तहत चालान तो काटे जा रहे हैं, लेकिन क्या बार-बार नियम तोड़ने वाले दुकानदारों के खिलाफ दुकान सील या लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी?

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