![]() |
| बलौदाबाजार; मिट्टी के घर से पक्के सपनों तक: सुशासन तिहार में मंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी Aajtak24 News |
बलौदाबाजार - छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में आयोजित सुशासन तिहार उस समय भावुक पल का गवाह बन गया, जब राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही गोविंदा को नए पक्के मकान की चाबी सौंपकर उसका गृह प्रवेश कराया। ग्राम पंचायत मोहतरा में आयोजित समाधान शिविर में यह दृश्य लोगों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था। वर्षों तक कच्चे घर में जीवन गुजारने वाले गोविंदा का सपना आखिरकार सरकारी योजना की मदद से पूरा हो गया।
सुशासन तिहार के मंच से मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि देश का कोई भी गरीब परिवार बिना पक्के घर के न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 18 लाख आवासों की स्वीकृति देकर गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंत्री ने हितग्राही को नए घर के लिए शुभकामनाएं देते हुए वाटर हार्वेस्टिंग संरचना बनाने पर विशेष सराहना भी की।
गृहप्रवेश के दौरान गोविंदा ने भावुक होकर बताया कि कभी उसने भी पक्के मकान का सपना देखा था, लेकिन आर्थिक हालात उसके रास्ते में सबसे बड़ी दीवार बने हुए थे। उसने कहा कि पहले परिवार मिट्टी के घर में रहता था, जहां बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी होती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में आवास स्वीकृत हुआ और तीन किश्तों में 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि खाते में आई। इसके अलावा अपनी बचत जोड़कर उसने घर तैयार कराया।
गोविंदा ने कहा कि गांव में लगातार बन रहे पक्के मकानों को देखकर उसे भी उम्मीद जगी थी कि एक दिन उसका सपना भी पूरा होगा। अब नए घर में परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है। गृहप्रवेश के दौरान गांव के लोगों में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, उपाध्यक्ष सुमन वर्मा तथा जिला पंचायत सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। सुशासन तिहार के इस आयोजन में शासन की योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाने का संदेश भी दिया गया।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन कितने हितग्राहियों को अब तक पूरी राशि समय पर मिली और कितने परिवार आज भी अधूरे मकानों में रहने को मजबूर हैं?
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई जिलों में कमीशनखोरी और किश्त जारी करने में देरी की शिकायतें आती रही हैं, ऐसे मामलों पर सरकार ने अब तक कितने अधिकारियों या कर्मचारियों पर कार्रवाई की है?
- सरकार गृहप्रवेश कार्यक्रमों का प्रचार तो कर रही है, लेकिन जिन गरीबों के नाम सूची से बाहर रह गए या जिनके आवेदन वर्षों से लंबित हैं, उनके लिए अलग से क्या ठोस नीति बनाई गई है?
