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| रीवा; झोलाछाप 'गौ सेवक' की लापरवाही ने ली बेजुबान की सुध; गर्भवती गाय का हुआ गर्भपात, आरोपी फरार Aajtak24 News |
रीवा/मनगवां - जिले के ग्राम पंचायत बाबूपुर के सिंगटी गांव से पशु चिकित्सा में घोर लापरवाही और संवेदनहीनता का मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक स्वयंभू 'गौ सेवक' की गलत डॉक्टरी सलाह और गलत उपचार के कारण चार माह की गर्भवती गाय का गर्भपात हो गया। इस घटना से पशुपालक को गहरा सदमा लगा है और बेजुबान जीव की जान पर बन आई है।
गलत जांच और अवैध वसूली का आरोप
पीड़ित पशुपालक राजभान द्विवेदी ने बताया कि उनकी गाय को चार महीने पहले सीमन दिया गया था। गाय के 'हिट' में होने की शंका पर उन्होंने कोल्हा निवासी कथित गौ सेवक बृजेश साकेत को जांच के लिए बुलाया। पशुपालक ने स्पष्ट किया था कि गाय पहले से गर्भवती हो सकती है, लेकिन आरोपी ने पूर्ण विश्वास दिलाते हुए दावा किया कि गाय 'गाभिन' नहीं है। आरोपी ने न केवल दोबारा सीमन डाला, बल्कि इस गलत प्रक्रिया के बदले ₹600 की फीस भी वसूली। इस उपचार के महज तीन दिन बाद ही गाय ने बच्चा फेंक दिया, जिससे यह प्रमाणित हो गया कि गलत डॉक्टरी हस्तक्षेप के कारण ही गर्भपात हुआ है।
संपर्क करने पर फोन बंद कर भागा आरोपी
घटना के बाद जब राजभान द्विवेदी ने आरोपी बृजेश साकेत से संपर्क साधना चाहा, तो उसने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय फोन उठाना बंद कर दिया और मौके से फरार हो गया। आरोपी के इस व्यवहार से स्पष्ट है कि उसे अपनी लापरवाही का भान है, किंतु वह जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप सक्रिय, प्रशासन मौन
इस घटना ने रीवा जिले के ग्रामीण अंचलों में सक्रिय अप्रशिक्षित और झोलाछाप पशु चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना किसी वैध डिग्री या प्रशिक्षण के ये लोग पशुओं की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं और भोले-भाले किसानों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। पशुपालक राजभान द्विवेदी ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि ऐसे फर्जी गौ सेवकों और झोलाछाप डॉक्टरों को चिन्हित कर उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने अपनी आर्थिक क्षति के लिए मुआवजे की भी गुहार लगाई है ताकि अन्य पशुपालकों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी न हो सके।
