विदिशा; पत्नी की हत्या, मासूम को जंगल में छोड़ा… लेकिन पुलिस ने रातभर में पलट दी कहानी Aajtak24 News

विदिशा; पत्नी की हत्या, मासूम को जंगल में छोड़ा… लेकिन पुलिस ने रातभर में पलट दी कहानी Aajtak24 News

विदिशा - जिले में एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया। हैदरगढ़ थाना क्षेत्र में मिली अज्ञात महिला की लाश ने इलाके में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन त्वरित पुलिस कार्रवाई ने न सिर्फ आरोपी को गिरफ्तार किया बल्कि एक मासूम बच्चे की जान भी बचा ली। 2 मई 2026 को पुलिस को नवाबगंज जंगल के पास एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जांच शुरू की और मृतका की पहचान ज्योति अहिरवार (27) निवासी हिनोतिया के रूप में की गई।

जांच के दौरान परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर संदेह मृतका के पति राजेंद्र अहिरवार (29) पर गया। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ में उसने पत्नी की हत्या करना कबूल कर लिया। मामले ने उस वक्त और गंभीर रूप ले लिया जब आरोपी ने बताया कि घटना के दौरान उसका छोटा बच्चा भी उसके साथ था, जिसे वह झरिया मंदिर के पास जंगल में छोड़ आया है।

इसके बाद पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती मासूम को सुरक्षित ढूंढना था। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन में 2 एसडीओपी और 5 थाना प्रभारियों सहित 7 टीमों का गठन कर रातभर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कड़ी मेहनत और समन्वय के बाद सुबह तड़के बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई ने पुलिस की संवेदनशीलता और मुस्तैदी दोनों को साबित कर दिया। इस पूरे ऑपरेशन में कई थाना प्रभारियों और पुलिस टीमों ने अहम भूमिका निभाई, जिसकी स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल

  1. क्या आरोपी के खिलाफ पहले से घरेलू हिंसा या विवाद की कोई शिकायत दर्ज थी, और अगर थी तो उस पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
  2. इतनी गंभीर घटना के बाद भी आरोपी बच्चे को जंगल में छोड़ने तक कैसे पहुंच गया—क्या आसपास सुरक्षा या निगरानी तंत्र की कमी सामने आई है?
  3. ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने में जिन तकनीकी और मानव संसाधनों का उपयोग हुआ, क्या वही संसाधन अन्य लंबित मामलों में भी समान गति से लगाए जाएंगे?

Post a Comment

Previous Post Next Post