बीजापुर के दुर्गम इलाकों में कलेक्टर का दौरा, ग्रामीणों की समस्याओं पर मौके पर ही फैसले Aajtak24 News

बीजापुर के दुर्गम इलाकों में कलेक्टर का दौरा, ग्रामीणों की समस्याओं पर मौके पर ही फैसले Aajtak24 News

बीजापुर - जिले के सुदूर और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए कलेक्टर श्री विश्वदीप ने रविवार को बीजापुर और उसूर ब्लॉक के कई गांवों का व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सड़क, बिजली, पानी, राशन वितरण और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत देखी और कई समस्याओं पर मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निर्देश दिए। कलेक्टर ने गंगालूर मार्ग से होते हुए पीड़िया, हिरोली, कावंडगांव, मुतवेंडी, तर्रेम, बासागुड़ा और आवापल्ली जैसे सुदूर गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

दौरे के दौरान पामलवाया नर्सरी का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने वहां तैयार हो रहे पौधों की जानकारी ली। उन्होंने नर्सरी को और विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, साथ ही अधिक संख्या में पौध तैयार कर सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर वृक्षारोपण के लिए उपलब्ध कराने को कहा। गंगालूर में स्वास्थ्य सेवाओं और निर्माणाधीन अधोसंरचना कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता प्राथमिकता होनी चाहिए।

इसी दौरान बुरजी गांव में राशन वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करते समय ग्रामीणों ने बताया कि एड़समेटा गांव की दूरी लगभग 12–13 किलोमीटर होने के कारण राशन लेने में काफी कठिनाई होती है। इस पर कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एसडीएम को निर्देश दिए कि एड़समेटा गांव में ही ट्रैक्टर के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को परेशानी न हो।

इसके साथ ही कलेक्टर ने बुरजी राशन दुकान तक पहुंच मार्ग की स्थिति देखते हुए मुख्य सड़क से दुकान तक सीसी सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने निर्माणाधीन पीएमजीएसवाई सड़कों का भी निरीक्षण किया और कार्यों में गुणवत्ता एवं समयसीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा।

दौरे के दौरान कलेक्टर ने नैनपाल निवासी युवती गुंजन हेमला से बातचीत की, जिसने 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। कलेक्टर ने उसे आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। कलेक्टर ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. क्या सुदूर गांवों में राशन जैसी मूलभूत सुविधा के लिए आज भी ट्रैक्टर जैसी अस्थायी व्यवस्था की जरूरत होना प्रशासनिक ढांचे की कमी नहीं दर्शाता?
  2. बीजापुर जैसे क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की धीमी प्रगति के लिए जिम्मेदारी तय करने का कोई ठोस मैकेनिज्म क्यों नहीं दिखता?
  3. क्या ग्रामीण दौरे के दौरान मिलने वाली समस्याएं पहले से विभागीय स्तर पर दर्ज नहीं होतीं, या फिर वास्तविक स्थिति केवल कलेक्टर निरीक्षण के बाद ही सामने आती है?

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