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| नीमच; यूरिया पर कड़ा शिकंजा: उद्योगों में छापा, सब्सिडी वाले उर्वरक के दुरुपयोग पर प्रशासन सख्त Aajtak24 News |
नीमच - जिले में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर गठित विशेष दल ने गुरुवार को एक उर्वरक उत्पादक उद्योग का औचक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई इस आशंका के तहत की गई कि कृषि के लिए सब्सिडी पर मिलने वाले यूरिया का उपयोग औद्योगिक कार्यों में किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान टीम ने उद्योग परिसर में यूरिया के भंडारण, क्रय-विक्रय रिकॉर्ड, उत्पादन प्रक्रिया और उपयोग से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की। स्टॉक रजिस्टर, बिल बुक और अन्य रिकॉर्ड का मिलान कर वास्तविक खपत का सत्यापन किया गया।
निरीक्षण दल में एसडीएम श्रीमती प्रीति संघवी सहित कृषि, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में सभी संबंधित इकाइयों का चरणबद्ध सत्यापन किया जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर दुरुपयोग की संभावना को रोका जा सके।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कहीं भी कृषि हेतु निर्धारित यूरिया का औद्योगिक उपयोग पाया गया, तो संबंधित इकाई के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए इस तरह की जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या अब तक जिले में ऐसे कितने उद्योग चिन्हित हुए हैं जो सब्सिडी वाले यूरिया का औद्योगिक उपयोग कर रहे थे?
- क्या यह जांच केवल एक उद्योग तक सीमित रहेगी या सप्लाई चेन (डीलर–गोदाम–ट्रांसपोर्ट) की भी जांच होगी?
- किसानों को यूरिया की कमी की शिकायतें अगर बढ़ती हैं, तो क्या प्रशासन के पास ब्लैक मार्केटिंग रोकने की ठोस निगरानी व्यवस्था है या यह कार्रवाई केवल औचक निरीक्षण तक सीमित है?
