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| मंदसौर; गांव में पहुंचा ‘स्वस्थ भारत’ अभियान: टीबी की जांच Aajtak24 News |
मंदसौर - जिले के ग्राम पांगा स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन ग्राम सरपंच द्वारा किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और टीबी जैसी गंभीर बीमारी की समय पर पहचान कर उसका उपचार सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को टीबी से संबंधित शपथ दिलाई गई और बीमारी के प्रति जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि लगातार खांसी, वजन कम होना, भूख न लगना, रात में पसीना आना और बुखार बने रहना टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टीबी का समय पर उपचार संभव है और 6 महीने की नियमित दवा से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है।
शिविर में टीबी स्क्रीनिंग के लिए एक्स-रे जांच की गई, साथ ही हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और बीएमआई की जांच भी की गई। संदिग्ध मरीजों की पहचान कर आगे उपचार की प्रक्रिया शुरू की गई। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि टीबी मरीजों को निक्षय योजना के तहत 1000 रुपये प्रतिमाह पोषण सहायता राशि सीधे बैंक खाते में दी जाती है, ताकि उपचार के दौरान पोषण में कोई कमी न रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी की समय पर पहचान के लिए स्थायी स्क्रीनिंग सिस्टम है या यह केवल शिविरों तक सीमित है?
- जिन क्षेत्रों में टीबी मरीज ज्यादा पाए जा रहे हैं, वहां मूल कारण (पोषण, स्वच्छता, जनसंख्या घनत्व) पर कोई अलग अध्ययन किया जा रहा है?
- क्या निक्षय योजना की राशि सभी पात्र मरीजों तक समय पर और बिना देरी के पहुंच रही है, या भुगतान में भी प्रशासनिक बाधाएं हैं?
