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| रायगढ़; निवेश की रफ्तार बढ़ाने प्रशासन सख्त, लेकिन क्या ‘सिंगल विंडो’ अब भी सिर्फ कागज़ों में ही तेज है? Aajtak24 News |
रायगढ़ - रायगढ़ में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की अहम बैठक कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें जिले में औद्योगिक निवेश को गति देने और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया गया। सृजन सभा कक्ष में हुई इस बैठक में सिंगल विंडो सिस्टम, औद्योगिक भूमि उपलब्धता, अनुदान योजनाओं और क्लीयरेंस से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।
लंबित मामलों पर कलेक्टर की सख्त चेतावनी
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि—
- निवेश से जुड़े सभी प्रकरणों का समयबद्ध निपटारा जरूरी है
- किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार नहीं की जाएगी
- विभागों के बीच समन्वय की कमी बर्दाश्त नहीं होगी
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेशकों के मामलों को “प्राथमिकता” के आधार पर निपटाया जाए, ताकि औद्योगिक माहौल में भरोसा बना रहे।
सिंगल विंडो सिस्टम की हुई गहन समीक्षा
बैठक में सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लंबित फाइलों की विभागवार समीक्षा की गई। इसमें कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई—
- ब्याज अनुदान
- स्थायी पूंजी निवेश अनुदान
- उत्पादन प्रमाण-पत्र
- मंडी एवं स्टाम्प शुल्क में छूट
- मार्जिन मनी अनुदान
कलेक्टर ने सभी विभागों को एक साथ मिलकर काम करने और फाइलों को अनावश्यक रूप से रोकने से बचने के निर्देश दिए।
भूमि और परियोजनाओं पर फोकस
औद्योगिक विकास के लिए जमीन की उपलब्धता को सबसे अहम मुद्दा बताया गया। बैठक में इन विषयों की समीक्षा हुई—
- लैंड बैंक की स्थिति
- शासकीय भूमि हस्तांतरण
- निजी भूमि अधिग्रहण
- औद्योगिक क्षेत्रों की उपलब्धता
कलेक्टर ने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों को “फास्ट ट्रैक” पर निपटाया जाए, क्योंकि यही निवेश की सबसे बड़ी आधारशिला है।
निवेश और एमओयू वाली इकाइयों पर चर्चा
बैठक में उन इकाइयों की स्थिति भी देखी गई—
- जिनके साथ एमओयू हुआ है
- जिन्हें इन्विटेशन टू इन्वेस्ट मिला है
- जिनके क्लीयरेंस लंबित हैं
उद्योग प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिन पर कलेक्टर ने तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
श्रमिक सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू श्रमिक सुरक्षा रहा। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा—
- सभी उद्योग इकाइयों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है
- मशीनों का नियमित निरीक्षण जरूरी है
- किसी भी दुर्घटना की स्थिति को रोकने के लिए कड़े कदम अपनाए जाएं
यह निर्देश औद्योगिक विकास के साथ-साथ मानव सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत देते हैं।
उद्योग प्रतिनिधियों से सीधा संवाद
बैठक में स्पंज आयरन, पावर प्लांट, खनन और अन्य औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अधिकारियों ने उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक संदेश साफ: निवेश + गति + सुरक्षा
इस बैठक से प्रशासन का स्पष्ट संदेश सामने आया—
- निवेश प्रक्रिया तेज करनी है
- फाइलों की जटिलता कम करनी है
- उद्योगों के लिए भरोसेमंद माहौल बनाना है
- और श्रमिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना है
