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| छतरपुर; गेहूं उपार्जन केंद्र पर सिस्टम फेल—बारदाना नहीं, खरीदी बंद मिली तो कलेक्टर ने 2 घंटे का अल्टीमेटम दिया Aajtak24 News |
छतरपुर - जिले के घुवारा अंतर्गत पनवारी उपार्जन केंद्र पर कलेक्टर पार्थ जैसवाल के औचक निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। मौके पर गेहूं खरीदी बंद मिली और सबसे बड़ी समस्या बारदाने की कमी पाई गई, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल सख्त रुख अपनाते हुए 2 घंटे के भीतर बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बारदाना नहीं तो खरीदी ठप—कलेक्टर का सख्त अल्टीमेटम
निरीक्षण में पाया गया कि—
- उपार्जन केंद्र पर बारदाना उपलब्ध नहीं था
- गेहूं खरीदी मौके पर बंद पड़ी थी
- किसानों को इंतजार करना पड़ रहा था
इस पर कलेक्टर ने जिला विपणन अधिकारी (DMO) को निर्देश दिया कि 2 घंटे के भीतर बारदाना भेजा जाए, ताकि खरीदी प्रक्रिया तुरंत शुरू हो सके।
अधिकारियों पर भी गिरी कार्रवाई की गाज
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर लापरवाहियां उजागर हुईं—
सर्वेयर पर कार्रवाई
- मॉइश्चर मीटर उपलब्ध नहीं था
- एफएक्यू (FAQ) गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं हो रहा था
कलेक्टर ने सर्वेयर राकेश राजपूत को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए।
समिति प्रबंधक पर सजा
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दरवारी लाल अहिरवार, समिति प्रबंधक
उनकी एक इंक्रीमेंट रोकने के आदेश दिए गए
तौल व्यवस्था पर भी सख्ती
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि—
- गेहूं की तौल 50 किलो 200 ग्राम (मय बोरी) ही की जाए
- किसानों को तौल पर्ची अनिवार्य रूप से दी जाए
- स्लॉट के अनुसार ही खरीदी हो, कोई अव्यवस्था न हो
किसानों की सुविधा पर जोर
निरीक्षण में कलेक्टर ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि—
- किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो
- खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो
- उपार्जन केंद्र पर सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध हों
प्रशासन का संदेश साफ
इस कार्रवाई से प्रशासन का रुख स्पष्ट हुआ—
👉 लापरवाही = तुरंत कार्रवाई
👉 सिस्टम फेल = तत्काल सुधार
👉 किसान परेशान = जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेह
