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| रतलाम; कुल्फी से घी तक जांच के घेरे में! रतलाम में खाद्य विभाग की रेड से मचा हड़कंप Aajtak24 News |
रतलाम - जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवगढ़ और पिपलौदा क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कुल 11 खाद्य नमूने लिए गए, जबकि दो फर्म बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित पाई गईं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि शिवगढ़ क्षेत्र में घर पर कुल्फी बनाकर बेची जा रही है। इसके बाद टीम ने ओम साईं मावा कुल्फी का निरीक्षण किया। यहां से कुल्फी, चोकोबार कुल्फी और मिल्क पाउडर के तीन नमूने जांच के लिए लिए गए।
इसी दौरान गंगा आइसक्रीम जूस सेंटर से लस्सी और आमरस के दो नमूने संग्रहित किए गए। निरीक्षण के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की स्थिति खराब पाई गई, जिस पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए गए। इसके बाद टीम ने पिपलौदा क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा में कमलेश जाट मावा भट्टी का निरीक्षण किया और मावे के दो नमूने लिए। साथ ही प्रजापत किराना एवं दूध डेयरी से मिक्स्ड दूध, बेसन, चावल, घी और पोहा के नमूने लिए गए।
ग्राम हतनारा स्थित राका किराना से पारस देसी घी और आटे के नमूने भी जांच के लिए संग्रहित किए गए। जांच के दौरान प्रजापत किराना एवं राका किराना बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित पाए गए, जिनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा एवं प्रीति मंडोरिया द्वारा की गई।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- अगर बिना लाइसेंस दुकानें संचालित हो रही थीं, तो खाद्य विभाग की नियमित मॉनिटरिंग अब तक कहां थी? क्या विभाग सिर्फ शिकायत मिलने पर ही सक्रिय होता है?
- गर्मी के मौसम में कुल्फी, लस्सी और मावा जैसे खाद्य पदार्थों की सबसे ज्यादा खपत होती है, तो क्या जिले में बड़े स्तर पर मिलावट की आशंका से इंकार किया जा सकता है?
- क्या विभाग जांच रिपोर्ट आने तक इन प्रतिष्ठानों की बिक्री पर कोई निगरानी रखेगा, ताकि संभावित मिलावटी खाद्य पदार्थ आम लोगों तक न पहुंचें?
