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| सतना में सीईओ जिला पंचायत ने उपार्जन केंद्र और जल संकटग्रस्त आदिवासी बस्तियों का किया निरीक्षण Aajtak24 News |
सतना - सतना में सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह ने गुरुवार को मझगवां क्षेत्र का दौरा कर उपार्जन व्यवस्था और जल संकट की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सेवा सहकारी समिति कोठी के एटूजेड वेयर हाउस का निरीक्षण कर खरीदी, भंडारण और किसानों को उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान सीईओ ने किसानों से सीधे संवाद कर खरीदी, भुगतान और केंद्र की व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याएं सुनीं। किसानों ने अपनी परेशानियां साझा कीं, जिस पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से दावा किया गया कि किसानों को समय पर सुविधाएं और भुगतान उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उपार्जन केंद्र के निरीक्षण के बाद सीईओ ने मझगवां क्षेत्र की जल संकट से प्रभावित आदिवासी बस्तियों और जल अभावग्रस्त इलाकों का भ्रमण किया। उन्होंने मौके पर पेयजल की स्थिति का आकलन करते हुए अधिकारियों को स्थायी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। सीईओ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा। ग्रामीणों ने भी पानी की समस्या और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं, जिनके निराकरण का भरोसा दिया गया।
हालांकि हर गर्मी में जल संकट वाले क्षेत्रों का निरीक्षण और समीक्षा की जाती है, लेकिन आदिवासी इलाकों में पानी की समस्या लगातार बनी रहना प्रशासनिक तैयारियों और योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि इस दौरे के बाद जमीनी स्तर पर कितना बदलाव दिखाई देता है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- अगर हर साल गर्मी में जल संकट सामने आता है, तो अब तक स्थायी पेयजल समाधान क्यों नहीं बन पाया?
- किसानों को समय पर भुगतान और बेहतर खरीदी व्यवस्था के दावे किए जाते हैं, फिर भी उपार्जन केंद्रों पर शिकायतें लगातार क्यों मिलती हैं?
- आदिवासी बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी लंबे समय से बनी हुई है, तो क्या विकास योजनाओं का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पा रहा है?
