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| बालाघाट; 7 दिन में पूरा किया जनगणना का लक्ष्य… लेकिन क्या आंकड़ों की गुणवत्ता की भी हुई जांच? Aajtak24 News |
बालाघाट - जिले में जनगणना-2027 के तहत चल रहे हाउस लिस्टिंग कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच प्रगणकों को कलेक्टर मृणाल मीना ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। जनगणना कार्य 1 मई से शुरू होकर 30 मई तक चलना है, लेकिन इन प्रगणकों ने निर्धारित समय से पहले अपने-अपने क्षेत्रों का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया। सम्मानित प्रगणकों में वीरेन्द्र कुमार श्रीवास्त्री, अशोक भगत, सीमा डहरवाल, देवेन्द्र वाकड़े और दिलीप रहांगडाले शामिल हैं। इन प्रगणकों ने अपने-अपने हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में सैकड़ों मकानों का सर्वे कर डेटा संकलित किया।
कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं और नीतियों का आधार होती है। सही आंकड़े शासन की योजनाओं को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि प्रगणकों को सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जनगणना कार्य समय-सीमा में सफलतापूर्वक पूरा हो सके।
प्रशासन ने इस उपलब्धि को जनगणना कार्य में जिम्मेदारी और समर्पण का उदाहरण बताया है। हालांकि इतनी तेजी से सर्वे कार्य पूरा होने पर अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या डेटा की गुणवत्ता और सत्यापन की प्रक्रिया उतनी ही गंभीरता से की गई है जितनी तेजी से लक्ष्य हासिल किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार अधूरी जानकारी, तकनीकी दिक्कतें और वास्तविक स्थिति छूट जाने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि विश्वसनीय और त्रुटिरहित आंकड़े जुटाना भी है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- इतनी कम अवधि में सैकड़ों मकानों का सर्वे पूरा होने के बाद क्या प्रशासन ने डेटा की गुणवत्ता और सत्यता का स्वतंत्र सत्यापन भी कराया है?
- क्या केवल लक्ष्य जल्दी पूरा करने वाले प्रगणकों को सम्मानित करना पर्याप्त है, या डेटा की सटीकता को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया है?
- अगर बाद में सर्वे में त्रुटियां या छूटी हुई जानकारी सामने आती है, तो उसकी जवाबदेही किसकी तय होगी?
