नरसिंहपुर; पानी, सड़क, अतिक्रमण और श्मशान तक की मांग पहुंची कलेक्टर के सामने Aajtak24 News

नरसिंहपुर; पानी, सड़क, अतिक्रमण और श्मशान तक की मांग पहुंची कलेक्टर के सामने Aajtak24 News

नरसिंहपुर - जिले के गोटेगांव जनपद अंतर्गत ग्राम सांकल में आयोजित रात्रि चौपाल में कलेक्टर रजनी सिंह ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर समाधान के निर्देश दिए। चौपाल में पानी, सड़क, अतिक्रमण, स्कूल भवन, श्मशान घाट और नल-जल योजना जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।कलेक्टर ने ग्रामीणों से कहा कि प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है और दोबारा कब्जा होने पर तत्काल सूचना दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीनों को सुरक्षित रखना प्रशासन और ग्रामीणों दोनों की जिम्मेदारी है।

रात्रि चौपाल के दौरान जनगणना-2027 को लेकर भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई। कलेक्टर ने लोगों से अपील की कि प्रगणकों को सही जानकारी दें ताकि सरकारी योजनाओं और संसाधनों का सही आकलन हो सके। ग्राम में नल-जल योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा, वहां जल्द व्यवस्था की जाए। उन्होंने नलों में टोटी लगाने और भवन निर्माण में वॉटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करने पर भी जोर दिया, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके और भूजल स्तर सुधरे।

ग्रामीणों ने बीपीएल सूची में अपात्र लोगों के नाम होने की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने ग्राम सभा में सूची का वाचन कर पात्रता की जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही क्षतिग्रस्त माध्यमिक शाला की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार कर भेजने को कहा गया। चौपाल में ग्रामीणों ने गांव से खैरी तक पक्की सड़क, खेल मैदान और श्मशान घाट की मांग भी रखी। इस पर कलेक्टर ने श्मशान घाट निर्माण के लिए आधा एकड़ भूमि आवंटित करने और सड़क निर्माण प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

नर्मदा नदी के सांकल घाट तक पहुंच मार्ग की समस्या भी ग्रामीणों ने उठाई। श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए कलेक्टर ने पक्का पहुंच मार्ग बनाने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने की अपील भी की। इसके अलावा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बनाए जा रहे कंटूर ट्रेंच कार्यों का निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।

हालांकि चौपालों में समस्याएं सुनने और मौके पर निर्देश देने की प्रक्रिया लगातार चल रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पानी, सड़क, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं की कमी अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। अब लोगों को इंतजार है कि चौपाल में दिए गए निर्देश धरातल पर कब तक नजर आते हैं।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. अगर गांव में अब तक श्मशान घाट, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं, तो क्या प्रशासन विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में विफल नहीं रहा?
  2. बीपीएल सूची में अपात्र लोगों के नाम होने की शिकायतें लगातार आती रही हैं, तो अब तक जिम्मेदार कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई हुई?
  3. नल-जल योजना के बावजूद कई घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा, तो क्या योजना के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग में गंभीर खामियां हैं?

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