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| रायपुर; सरकारी नौकरी का फर्जी ‘आदेश’ बना करोड़ों का खेल: शिक्षक-क्लर्क मिलकर चला रहे थे ठगी का डिजिटल जाल! Aajtak24 News |
रायपुर - छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति आदेश जारी कर करोड़ों की ठगी करने वाले दो आरोपियों को रायपुर ग्रामीण पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर के नाम से फर्जी आदेश तैयार कर 34 से अधिक लोगों से लगभग 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सचिव और उप-सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग करते हुए फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किया और उसे व्हाट्सएप के माध्यम से वायरल किया। इस फर्जी दस्तावेज में विभिन्न विभागों में भर्ती का झांसा देकर लोगों से पैसे वसूले जा रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश शर्मा उर्फ राजू (शासकीय शिक्षक) और मनोज कुमार श्रीवास्तव (निजी स्कूल क्लर्क), दोनों निवासी डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी और कर्ज से बचने के लिए उन्होंने यह योजना बनाई थी। पुलिस ने तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की और डोंगरगढ़ से गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से कंप्यूटर सेट और प्रिंटर सहित उपकरण जब्त किए गए, जिनका उपयोग फर्जी आदेश बनाने में किया गया था।
प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क में और लोग भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी जांच की जा रही है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या यह सिर्फ दो लोगों की ठगी थी, या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित रैकेट भी सक्रिय है जो सरकारी सिस्टम की नकल कर रहा है?
- डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग कैसे हुआ—क्या इसमें किसी अंदरूनी सुरक्षा चूक की भी जांच की जा रही है?
- 34 पीड़ितों से 1.5 करोड़ की ठगी हुई—क्या प्रशासन यह सुनिश्चित कर पाएगा कि ऐसे फर्जी नियुक्ति घोटाले दोबारा न हों?
