
खंडवा; ब्लैक स्पॉट्स पर मौत का खतरा… अब जागा प्रशासन, कलेक्टर ने मांगी सड़क हादसों की पूरी रिपोर्ट Aajtak24 News
खंडवा - खण्डवा में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने की। इस दौरान सड़क सुरक्षा, नशा नियंत्रण, आबकारी निगरानी और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण मामलों की समीक्षा की गई।
बैठक में कलेक्टर ने सड़क निर्माण से जुड़े विभागों को निर्देश दिए कि जिले में जिन स्थानों को “ब्लैक स्पॉट” के रूप में चिन्हित किया गया है, वहां दुर्घटनाएं रोकने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने रामनगर रोड पर चिन्हित स्थानों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश नगर निगम को दिए, जबकि माताचौक से रामनगर पुलिस चौकी तक डिवाइडर निर्माण और चीराखदान से टिठियाजोशी मार्ग पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने के निर्देश सड़क विकास निगम अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में नवागत पुलिस अधीक्षक अगम जैन का स्वागत भी किया गया। कलेक्टर ने सनसनीखेज अपराध, नारकोटिक्स, गबन और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी।शराब बिक्री और नशे के बढ़ते मामलों को लेकर भी बैठक में सख्ती दिखाई गई। कलेक्टर ने जिला आबकारी अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी शराब दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से लगाई जाए और सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं। वहीं ड्रग इंस्पेक्टर को मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि प्रतिबंधित दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के न बिकें।
कलेक्टर ने कृषि और आबकारी विभाग को संयुक्त रूप से खेतों में भ्रमण कर अवैध गांजा खेती की जांच करने के निर्देश भी दिए। साथ ही स्कूल-कॉलेजों में नशा मुक्ति अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर जोर दिया गया। बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने एसडीएम अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित पक्ष के जाति प्रमाण पत्र प्राथमिकता से बनाए जाएं, ताकि राहत राशि समय पर मिल सके। सहकारिता विभाग को घोटालों और गबन के मामलों में दोषियों से राशि वसूली की कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
हालांकि प्रशासन ने सड़क सुरक्षा और नशा नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं, लेकिन जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं, अवैध नशे का कारोबार और शराब दुकानों पर अनियमितताओं को लेकर लोगों में पहले से ही नाराजगी बनी हुई है। अब सवाल यह है कि बैठकों के निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से लागू होंगे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब ब्लैक स्पॉट पहले से चिन्हित हैं, तो अब तक वहां स्थायी सुरक्षा सुधार क्यों नहीं किए गए और कितनी मौतों के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ?
- शराब दुकानों पर अब CCTV लगाने के निर्देश दिए जा रहे हैं, तो क्या प्रशासन मानता है कि अब तक निगरानी व्यवस्था कमजोर थी?
- अवैध नशे और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर लगातार शिकायतें आती रही हैं, तो अब तक कितने मेडिकल स्टोर्स और नेटवर्क पर ठोस कार्रवाई हुई है?