![]() |
| रीवा: गढ़ में चोरों का तालातोड़ तांडव, संगम किराना स्टोर से नकदी और कीमती सामान पार Aajtak24 News |
रीवा - रीवा जिले के गढ़ क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इन दिनों सातवें आसमान पर हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि क्षेत्र में कानून का खौफ पूरी तरह समाप्त हो चुका है और अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. बीती रात 2 मई 2026 को चोरों ने गढ़ की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया, जिससे पूरे व्यापारिक जगत में सनसनी फैल गई है.
वारदात का विवरण: बाउंड्री कूदकर घुसे शातिर चोर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात करीब 1:00 बजे चोरों ने गढ़ निवासी संगम लाल (आत्मज मनमोहन लाल गुप्ता) की 'संगम किराना स्टोर' को अपना निशाना बनाया. शातिर चोरों ने दुकान के पिछले हिस्से का सहारा लिया और बाउंड्री वॉल फांदकर परिसर के भीतर दाखिल हुए. भीतर घुसने के बाद चोरों ने दो कमरों के ताले तोड़ दिए और लूटपाट शुरू कर दी.
चोरों ने दुकान के काउंटर की दराज को बेरहमी से क्षतिग्रस्त कर दिया और उसमें रखे ₹20,000 नकद निकाल लिए. नकदी के साथ-साथ चोरों ने दुकान में रखे कीमती सामान, जिसमें ब्रिस्टल और गोल्ड फ्लेक (Gold Flake) सिगरेट के कार्टून, साबुन और भारी मात्रा में अन्य किराना सामग्री शामिल थी, उसे भी पार कर दिया. पीड़ित जयप्रकाश केसरवानी (आत्मज राजेश गुप्ता) ने इस घटना की लिखित शिकायत गढ़ थाने में दर्ज कराई है.
सीसीटीवी में कैद हुए चेहरे, फिर भी पुलिस विफल
इस पूरी वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चोरों की हर हरकत पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है. कैमरों में चोरों की साफ तस्वीरें और उनकी चहल-कदमी दिखने के बावजूद पुलिस अब तक किसी भी आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही है. गढ़ क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों के बाद भी किसी बड़े मामले का खुलासा न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है.
हर वर्ग में दहशत: सुरक्षित नहीं है क्षेत्र
गढ़ और आसपास के इलाकों में चोरी का ग्राफ जिस तेजी से बढ़ा है, उसने आम जनता और व्यापारियों को डरा दिया है:
व्यापारी: दुकानों से नकदी और कीमती स्टॉक चोरी होने से व्यापारी आर्थिक रूप से टूट रहे हैं.
किसान: खेतों से सिंचाई के लिए उपयोग होने वाले मोटर पंप और पाइप लगातार चोरी हो रहे हैं.
सरकारी दफ्तर: यहाँ तक कि शासकीय कार्यालयों से भी सरकारी संपत्ति गायब होने की खबरें आम हो चुकी हैं.
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
क्षेत्रीय जनता का मानना है कि यह स्थिति प्रशासन और राजनेताओं की विफलता को दर्शाती है. लोगों का सवाल है कि क्या अपराधी इतने शक्तिशाली हो गए हैं कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं रहा? एक मेहनतकश व्यक्ति की वर्षों की जमा पूंजी एक रात में लुट जाती है और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं.
गढ़ पुलिस के लिए अब यह एक बड़ी चुनौती है कि क्या वे इन शातिर चोरों को सलाखों के पीछे भेजकर जनता का विश्वास पुनः जीत पाएंगे, या नागरिक इसी तरह भय के साये में जीने को मजबूर रहेंगे.
