ग्वालियर; बारिश से पहले सुधर जाओ… नहीं तो कार्रवाई तय! ग्वालियर की सीवर व्यवस्था पर सरकार सख्त Aajtak24 News

ग्वालियर; बारिश से पहले सुधर जाओ… नहीं तो कार्रवाई तय! ग्वालियर की सीवर व्यवस्था पर सरकार सख्त Aajtak24 News

ग्वालियर - ग्वालियर में बारिश से पहले सीवर व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने साफ निर्देश दिए हैं कि एलिवेटेड रोड निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हुई सीवर लाइनें, मैनहोल और सीवर चेंबरों की मरम्मत हर हाल में बारिश से पहले पूरी की जाए। बाल भवन स्थित एक्यूआई सेंटर में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहरवासियों को मानसून में सीवर संबंधी समस्याओं का सामना नहीं करना चाहिए। बैठक में संकेत भोंडवे, रुचिका चौहान, संघ प्रिय, दिव्यांक सिंह और टी प्रतीक राव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

स्वर्णरेखा नदी में डाली गई मिट्टी हटाने के निर्देश

समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने कहा कि एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए स्वर्णरेखा नदी में डाली गई मिट्टी तत्काल हटाई जाए। साथ ही सीवर लाइन और चेंबरों की मरम्मत में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि मौजूदा एजेंसी काम करने में सक्षम नहीं है तो नई एजेंसी या वेंडर को तुरंत जिम्मेदारी सौंपी जाए। इसके लिए दो दिन के भीतर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।

संतोषजनक जवाब नहीं देने पर कंपनी की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश

बैठक में शहर की सीवर व्यवस्था को लेकर आरईपीएल कंपनी के प्रतिनिधि संतोषजनक कार्ययोजना प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर अपर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताते हुए कंपनी की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीवर मरम्मत पर होने वाला खर्च संबंधित ठेकेदार के भुगतान से समायोजित किया जाए।

कचरा प्रबंधन और संपत्तिकर पर भी सख्ती

बैठक में केदारपुर डंपिंग साइट पर लीगेसी वेस्ट प्रबंधन की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 6 लाख मीट्रिक टन कचरे की प्रोसेसिंग हो चुकी है। इसके अलावा संपत्तिकर वसूली को लेकर भी नाराजगी जताई गई। अधिकारियों ने बताया कि करीब 65 हजार संपत्तियों ने पिछले 10 वर्षों से टैक्स जमा नहीं किया है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने नोटिस, तालाबंदी और सर्वे कार्रवाई की जानकारी मांगी।

जीआईएस मैपिंग और विकास परियोजनाओं की समीक्षा

बैठक में 36 वार्डों में पूरी हो चुकी जीआईएस मैपिंग की समीक्षा की गई, जिसमें 68 हजार नई संपत्तियां चिन्हित होने की जानकारी दी गई। इसके अलावा ग्वालियर विकास प्राधिकरण और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण की विकास परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. अगर एलिवेटेड रोड निर्माण से सीवर व्यवस्था पहले ही प्रभावित हो चुकी थी, तो समय रहते वैकल्पिक योजना क्यों नहीं बनाई गई?
  2. आरईपीएल कंपनी संतोषजनक कार्ययोजना नहीं दे सकी, तो क्या अब तक हुई लापरवाही और शहरवासियों की परेशानियों की जवाबदेही तय होगी?
  3. 65 हजार संपत्तियों ने 10 वर्षों से टैक्स जमा नहीं किया, तो नगर निगम अब तक कार्रवाई करने में निष्क्रिय क्यों रहा?

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