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| झाबुआ ; शहरों को ‘डी-कंजेशन’ मिशन पर फोकस, कलेक्टर ने अफसरों से मांगा रोडमैप Aajtak24 News |
झाबुआ - झाबुआ में नगरों को स्वच्छ, व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को स्वच्छता सर्वेक्षण एवं नवीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर योगेश तुकाराम भरसट ने की। बैठक में नगरीय निकायों की स्वच्छता व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान 1 अप्रैल 2026 से लागू नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रावधानों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि नए नियमों के तहत अब ठोस अपशिष्ट को गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल अपशिष्ट जैसी चार श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि कचरा पृथक्करण की व्यवस्था को जमीनी स्तर तक लागू किया जाए ताकि स्वच्छता व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सके। कलेक्टर डॉ. भरसट ने सभी मुख्य नगरपालिका अधिकारियों से स्वच्छता कर्मचारियों की उपलब्धता, एफएसटीपी, एमआरएफ सेंटर, सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि नगरीय निकाय अगले एक वर्ष की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें, जिसमें अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार की योजनाएं शामिल हों।
उन्होंने कहा कि कार्ययोजना में नगरों की प्रमुख कमियों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पेयजल, सड़क और नाली निर्माण जैसी मूलभूत अधोसंरचना योजनाओं को व्यवस्थित रूप से शामिल करने के निर्देश दिए। बैठक में शहरों को डी-कंजेशन करने, अतिक्रमण मुक्त बनाने और सौंदर्यीकरण कार्यों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने जल निकायों के संरक्षण और उनके कायाकल्प के लिए भी ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्र के नागरिकों तक आजीविका और वेलफेयर योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए। परियोजना अधिकारी डूडा को समय-समय पर नगरीय निकायों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी, सहायक कलेक्टर आयुषी बंसल, डिप्टी कलेक्टर महेश बड़ोले सहित नगरीय निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर साल स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले बड़े-बड़े दावे और बैठकें होती हैं, लेकिन झाबुआ के कई नगरों में आज भी कचरा संग्रहण, नालियों की सफाई और सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति खराब क्यों बनी हुई है?
- प्रशासन नगरों को अतिक्रमण मुक्त बनाने की बात कर रहा है, लेकिन क्या प्रभावशाली लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमणों पर भी समान कार्रवाई होगी, या कार्रवाई केवल छोटे व्यापारियों और गरीबों तक सीमित रहेगी?
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू कर दिए गए हैं, लेकिन क्या नगरीय निकायों के पास गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण, प्रोसेसिंग और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद है?
