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| अशोक नगर; राजस्व अफसरों को कलेक्टर की दो टूक—‘लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगवाए तो होगी जवाबदेही’ Aajtak24 News |
अशोक नगर - अशोक नगर में राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने को लेकर कलेक्टर साकेत मालवीय ने शुक्रवार को राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में तहसीलवार लंबित प्रकरणों, राजस्व न्यायालयों की स्थिति और नागरिक सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।बैठक के दौरान कलेक्टर साकेत मालवीय ने स्पष्ट कहा कि जिले के नागरिकों को छोटे-छोटे राजस्व कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और भू-अभिलेख सुधार जैसे मामलों का निराकरण तय समय सीमा में किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे किसानों, ग्रामीणों और आम नागरिकों से जुड़ा हुआ विभाग है, इसलिए अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने लंबित मामलों में अनावश्यक देरी पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में राजस्व वसूली, अविवादित प्रकरणों के निराकरण, भू-अभिलेखों के अद्यतन, गिरदावरी, ई-केवाईसी और डिजिटल रिकॉर्ड संधारण की भी समीक्षा की गई। साथ ही सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की स्थिति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को समयसीमा में समाधान करने को कहा गया।
कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को नियमित रूप से राजस्व न्यायालय लगाने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को त्वरित राहत मिल सके। बैठक में विस्फोटक अधिनियम के पालन को लेकर भी सख्ती दिखाई गई। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि रिहायशी इलाकों में पटाखों या विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण न होने पाए। इसके लिए नियमित निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा नगरीय निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
वर्षाकाल को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को गांवों का भ्रमण कर जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान करने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायतों के साथ समन्वय कर नालों की सफाई और जल निकासी के कार्य समय रहते पूर्ण करने पर जोर दिया। बैठक में अपर कलेक्टर डी.एन. सिंह, संयुक्त कलेक्टर सोनम जैन, आर.बी. सिण्डोस्कर सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और मुख्य नगरपालिका अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- राजस्व प्रकरणों के समयसीमा में निराकरण की बात हर समीक्षा बैठक में होती है, लेकिन जिले में नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे के कितने मामले आज भी महीनों या वर्षों से लंबित हैं, और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
- डिजिटल रिकॉर्ड और ई-गवर्नेंस की बात की जा रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई किसानों को भू-अभिलेख सुधार और सीमांकन के लिए दलालों का सहारा लेना पड़ता है। प्रशासन इस भ्रष्टाचार को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठा रहा है?
- वर्षाकाल से पहले जलभराव और नालों की सफाई के निर्देश हर साल दिए जाते हैं, फिर भी बारिश में शहर और गांवों में जलभराव की स्थिति क्यों बनती है? क्या इस बार जिम्मेदारी तय करने की कोई स्पष्ट व्यवस्था बनाई गई है?
