सीधी; फाइलों से बाहर निकलो, गांवों में काम दिखना चाहिए: रामपुर नैकिन में कमिश्नर की अफसरों को दोटूक चेतावनी Aajtak24 News

सीधी; फाइलों से बाहर निकलो, गांवों में काम दिखना चाहिए: रामपुर नैकिन में कमिश्नर की अफसरों को दोटूक चेतावनी Aajtak24 News

सीधी - रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने बुधवार को जनपद पंचायत रामपुर नैकिन का निरीक्षण कर पंचायत स्तर पर चल रही योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका असर गांवों और आम लोगों के जीवन में दिखाई देना चाहिए। कमिश्नर ने पंचायतों को ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई बताते हुए कहा कि यहां से संचालित योजनाओं का सीधा प्रभाव आमजन पर पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायतों में अधिक से अधिक विकास कार्य शुरू किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ें और लोगों को पलायन के लिए मजबूर न होना पड़े।

बैठक में संबल योजना की समीक्षा के दौरान कमिश्नर बीएस जामोद ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अनुग्रह सहायता राशि से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए और लंबित मामलों का तत्काल निराकरण हो। कमिश्नर ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी कमिश्नर ने अधिकारियों को चेताया। उन्होंने कहा कि पंचायतों के माध्यम से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार पारदर्शी तरीके से और तय समय सीमा में पूरे किए जाएं। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने स्वच्छता कार्य में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वॉश ऑन व्हील के सफाई कर्मी जेठू लाल बसोर को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का सम्मान समाज के लिए प्रेरणादायक है।

कमिश्नर ने प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम करने की नसीहत देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब अधिकारी आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से समझेंगे और समयबद्ध तरीके से समाधान करेंगे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विकास मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, एसडीएम विकास आनंद और जनपद पंचायत सीईओ राजीव तिवारी सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

प्रेस वार्ता में पूछे जा सकने वाले 3 तीखे सवाल

  1. कमिश्नर ने संबल योजना में देरी पर नाराजगी जताई है, क्या इसका मतलब यह माना जाए कि जिले में पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता नहीं मिल रही थी?
  2. पंचायतों में गुणवत्तापूर्ण निर्माण की बात हो रही है, लेकिन क्या प्रशासन के पास ऐसा कोई तंत्र है जो निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री के उपयोग की निगरानी कर सके?
  3. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन क्या अब तक शुरू की गई योजनाओं से पलायन में वास्तव में कोई कमी आई है?

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