राजगढ़; शिकायतें अटकीं तो चली वेतन कटौती की कैंची! राजगढ़ में अफसरों की बैठक ने मचाया हड़कंप Aajtak24 News

राजगढ़; शिकायतें अटकीं तो चली वेतन कटौती की कैंची! राजगढ़ में अफसरों की बैठक ने मचाया हड़कंप Aajtak24 News

राजगढ़ - गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देश पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निराकरण को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का संचालन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इच्छित गढ़पाले के मार्गदर्शन में हुआ, जहां लंबित शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।बैठक में जिले के विभिन्न जनपदों से जुड़े प्रभारी अधिकारियों और ऑपरेटरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली शिकायतों का तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान कई मामलों में लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया।

विशेष रूप से ब्यावरा और नरसिंहगढ़ जनपद के कुछ कर्मचारी बैठक से अनुपस्थित पाए गए, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गढ़पाले ने अनुपस्थित कर्मचारियों—नीरज सिंह, रघुवीर सिंह चौहान, भानु सिंह खीची, प्रेम नारायण वर्मा, राजेंद्र दांगी, आर.आर. वर्मा, पवन वर्मा, अम्बाराम, एम.एल. दांगी और उर्मिला बाथम—के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन काटने के निर्देश जारी किए।

प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि ग्रामीण विकास योजनाओं और शिकायत निवारण व्यवस्था में लगातार मिल रही शिकायतों के कारण अब अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जा रही है। बैठक में यह भी कहा गया कि यदि शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हुआ तो इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ेगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में शिकायत निवारण व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब शिकायतों के निराकरण की समीक्षा के लिए बैठक पहले से तय थी, तब इतने कर्मचारी अनुपस्थित कैसे रहे? क्या यह प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी नहीं मानी जाए?
  2. क्या सिर्फ एक दिन का वेतन काटना पर्याप्त कार्रवाई है, जबकि ग्रामीणों की शिकायतें लंबे समय से लंबित बताई जा रही हैं?
  3. जिन जनपदों में शिकायतों के निराकरण में लापरवाही मिली, वहां अब तक कितने अधिकारियों या कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई है और कितनों पर विभागीय जांच चल रही है?

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