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| विदिशा; जनसुनवाई में कलेक्टर का ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन! 154 में से 89 शिकायतों का तुरंत समाधान Aajtak24 News |
विदिशा - अंशुल गुप्ता ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कराया। कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 154 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 89 आवेदनों का तत्काल समाधान कर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का संदेश दिया। जनसुनवाई के दौरान जिलेभर से पहुंचे लोगों ने व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए। किसी ने जमीन सीमांकन की समस्या बताई तो किसी ने बिजली बिल, राशन कार्ड और गैस सिलेंडर वितरण जैसी परेशानियों को प्रशासन के सामने रखा। कलेक्टर ने एक-एक आवेदक की समस्या सुनकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
शमशाबाद तहसील के ग्राम सांगुल निवासी मथरी बाई ने भूमि सीमांकन का मामला उठाया, जिस पर कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े अधिकारियों को समय सीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं हरिपुरा निवासी बद्री प्रसाद ने सोलर पैनल लगने के बावजूद अधिक बिजली बिल आने की शिकायत की, जिस पर विद्युत विभाग को जांच और निराकरण के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में आर्थिक तंगी से जुड़े मामले भी प्रमुखता से सामने आए। ग्राम गंगवाड़ा निवासी सावित्रीबाई ने आजीविका सहायता और पट्टे की जमीन की मांग रखी। मोहनगिरी निवासी मोहन प्रसाद ने गैस एजेंसी से सिलेंडर नहीं मिलने की समस्या बताई, जबकि काछी मोहल्ला निवासी शिब्बू मालवीय ने गरीबी रेखा राशन कार्ड निरस्त होने की शिकायत दर्ज कराई।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से आए कई लोगों ने जमीन ऑनलाइन दर्ज कराने, राशन कार्ड बनवाने और आर्थिक सहायता दिलाने की मांग रखी। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शेष लंबित आवेदनों का भी तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को भी जोड़ा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवेदकों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच की गई और आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। साथ ही आधार अपडेट और आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिससे लोगों को एक ही स्थान पर कई सेवाओं का लाभ मिल सका। इस दौरान अनिल कुमार डामोर, ओपी सनोडिया, निकिता तिवारी, नितिन जैन और क्षितिज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब 154 में से केवल 89 आवेदनों का ही मौके पर निराकरण हुआ, तो बाकी लंबित मामलों की निगरानी और जवाबदेही कैसे तय की जाएगी?
- जनसुनवाई में हर सप्ताह राशन कार्ड, जमीन सीमांकन और बिजली बिल जैसी वही समस्याएं क्यों सामने आ रही हैं? क्या संबंधित विभाग जमीनी स्तर पर काम नहीं कर रहे?
- क्या प्रशासन यह सार्वजनिक करेगा कि पिछले छह महीनों में जनसुनवाई में आए कितने आवेदन आज तक लंबित हैं और किन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है?
