श्योपुर; गंगा दशहरा पर श्योपुर में ‘जल महाअभियान’: घाटों पर दीपदान, गांवों में जल संवाद और बच्चे बनेंगे ‘पानी मित्र Aajtak24 News

श्योपुर; गंगा दशहरा पर श्योपुर में ‘जल महाअभियान’: घाटों पर दीपदान, गांवों में जल संवाद और बच्चे बनेंगे ‘पानी मित्र Aajtak24 News

श्योपुर - गंगा दशहरा के अवसर पर इस बार श्योपुर जिले में जल संरक्षण को लेकर बड़े स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने निर्देश दिए हैं कि 25 मई को जिलेभर में दीपदान, जल स्त्रोतों का पूजन, कलश यात्राएं, वृक्ष पूजन और जल संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि लोगों को जल संरक्षण से जोड़ा जा सके। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि गंगा दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि जल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देने का अवसर है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूल और कॉलेज स्तर पर विद्यार्थियों को “पानी मित्र” बनाया जाए, ताकि नई पीढ़ी जल संरक्षण के महत्व को समझे और समाज को भी जागरूक करे।

मुख्य कार्यक्रम 25 मई की शाम रामेश्वर धाम त्रिवेणी संगम पर आयोजित होगा। यहां कलश यात्रा, भजन संध्या और दीपदान का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन ने घाट को रंगोली और सजावट से आकर्षक बनाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा सीप नदी के पंडित घाट, बड़ौदा के चंद्रसागर तालाब, विजयपुर की क्वारी नदी, आवदा डैम और निमोदामठ सहित जिले के कई जल स्त्रोतों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी जल स्त्रोतों, प्राचीन बावड़ियों, कुओं और नलजल योजनाओं की पहले साफ-सफाई कराई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संवाद और मानव श्रृंखला के माध्यम से लोगों को पानी बचाने का संदेश दिया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर जल प्याऊ स्थापित करने और पक्षियों के लिए सकोरे रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बैठक में शिक्षा विभाग को स्कूलों और छात्रावासों की पानी की टंकियों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग को पोषण वाटिकाओं के साथ फलदार पौधे लगाने के निर्देश दिए गए। वहीं उद्यानिकी विभाग को गांवों में “पानी चौपाल” आयोजित करने के लिए कहा गया। सीईओ जिला पंचायत सौम्या आनंद ने बताया कि एनआरएलएम के माध्यम से गौशालाओं में भी गंगा दशहरा पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित तालाबों, कुओं और अन्य जल संरचनाओं पर साफ-सफाई और पूजन के साथ जल संरक्षण जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने 25 मई को श्योपुर जिले के स्थापना दिवस पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी यश जैन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य इस बार धार्मिक आयोजन को पर्यावरण और जल संरक्षण से जोड़कर जनभागीदारी बढ़ाना है। हालांकि अब यह देखने वाली बात होगी कि अभियान केवल कार्यक्रमों तक सीमित रहता है या वास्तव में जिले में जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था बन पाती है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जल संरक्षण को लेकर बड़े आयोजन किए जा रहे हैं, लेकिन क्या प्रशासन के पास ऐसा कोई आंकड़ा है जिससे पता चले कि पिछले अभियानों से जिले में जलस्तर में वास्तविक सुधार हुआ है?
  2. स्कूलों में बच्चों को ‘पानी मित्र’ बनाया जा रहा है, लेकिन क्या सरकारी स्कूलों में खुद पेयजल और साफ पानी की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है?
  3. जल स्त्रोतों की साफ-सफाई और संरक्षण की बात हर साल होती है, फिर भी कई तालाब और बावड़ियां अतिक्रमण और गंदगी का शिकार क्यों हैं?

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